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Banda News: आरओ के नाम पर बेच रहे नल का पानी

Mon, 14 Oct 2024 02:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2024 02:09 AM IST
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Selling tap water in the name of RO
बांदा। लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम सरकारी महकमे की नाक के नीचे शहर के कई मुहल्लों में प्राइवेट जल संस्थान चल रहे हैं। यहां पर आरओ के नाम पर घर-घर दूषित पानी बेचा जा रहा है। पानी बेचने के इस खेल में यहां के करीब दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। अफसर इन सबसे अंजान हैं।
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शहर में पीने पेयजल आपूर्ति का जिम्मा जल संस्थान संभाले हैं, लेकिन वह लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहा है। 24 घंटे में बमुश्किल सुबह के समय महज 30 मिनट ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में कई मोहल्लों में आरओ प्लांट खुल गए हैं। यहां से शुद्ध पानी नाम पर घर-घर दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। कभी भी आरओ प्लांट से बेचे जाने वाले पानी की गुणवत्ता को नहीं परखा गया। न ही जल संस्थान के पास ऐसे प्लांटों का कोई लेखा-जोखा है। दो प्लांटों को अपवाद मान लें तो ज्यादातर जल संस्थान को जलकल मूल्य भी अदा नहीं कर रहे।
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प्रतिदिन 30 हजार केन बिकता है पानी

शहर में सरकारी कार्यालयों सहित घरों में करीब 30 हजार केन प्रतिदिन पानी बेचा जाता है, यानी की रोजाना अवैध आरओ प्लांट संचालक तकरीबन एक लाख रुपये कमा रहे हैं।
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30 रुपये में सिर्फ 20 लीटर पानी

आरओ प्लांट संचालक 20 लीटर की पानी की केन 900 से 1200 रुपये प्रति माह बेची जाती है। यानी रोजाना एक लाख रुपये कमाएं जा रहे है। सरकार को एक रुपयें भी नहीं दिया जा रहा।



केस-1
मजबूरी में लेते हैं पानी

क्षत्रपाल सिंह का कहना है कि जल संस्थान का पानी तो पीने के लायक ही नहीं है। मजबूरी में लोग पानी की केन लेते हैं। आरओ के पानी का पैसा लेते हैं और सादा पानी देते हैं।



केस-2
सालभर से खरीकर पी रहे पानी

अभिषार दीक्षित ने बताया कि एक साल से पानी खरीदकर ही पी रहे हैं। जल संस्थान साफ पानी उपलब्ध नहीं कराता है। आरओ प्लांटों के पानी की गुणवत्ता भी परखी जानी चाहिए।



वर्जन...

खाद्य सुरक्षा विभाग सीलबंद पानी को ही चेक करता सकता है। उसी का लाइसेंस जारी करता है। खुले पानी से उनका कोई सरोकार नहीं है।- जय प्रकाश तिवारी, सहायक आयुक्त (खाद्य), बांदा




आरओ प्लांट में नलकूप के जरिए भूगर्भ दोहन किया जाता है। भूगर्भ विभाग ऐसे आरओ प्लांट की सूची तैयार कर कार्रवाई कर रहा है। -संदीप, सहायक अभियंता जल संस्थान, बांदा।




भूगर्भ दोहन करने वालों को रजिस्ट्रेशन कराने की नोटिस दिया है। जल्द मानक से अधिक दोहन पर कार्रवाई की जाएगी। -सौरभ शुक्ला, सहायक अभियंता भूगर्भ विभाग, बांदा।
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