{"_id":"5d3f365e8ebc3e6caf0cec2a","slug":"road-jammed-for-electricity-banda-news-knp504481658","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली-पानी के लिए सड़क जाम की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली-पानी के लिए सड़क जाम की
विज्ञापन
खप्टिहा कलां में जाम लगाए ग्रामीण। फंसे वाहन।
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खप्टिहा कलां। पिछले दो माह से बिजली-पानी का संकट झेलते चले आ रहे उपभोक्ताओं और ग्रामीणों का सोमवार को धैर्य टूट पड़ा। वह सड़कों पर उतर आए। बांदा-हमीरपुर मुख्य मार्ग पर सैकड़ों ग्रामीणों ने खड़े होकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। कुछ ही देर में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इनमें यात्री बसें और अन्य वाहन भी शामिल थे।
ग्रामीणों का का कहना था कि पैलानी में सब स्टेशन बनने के बावजूद उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। देर तक चले विरोध प्रदर्शन और जाम के बाद तहसीलदार पैलानी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी नहीं सुनी। ग्रामीण आयुक्त और डीएम को यहां आने की मांग कर रहे थे।
लगभग दो घंटे बाद बिजली विभाग के एसडीओ रामनारायण रमन ने लिखित आश्वासन दिया कि 3-4 दिनों में सब स्टेशन को दुरुस्त कराकर आपूर्ति की जाएगी। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह के समझाने-बुझाने पर जाम खत्म हुआ। लक्ष्मीकांत गुप्त, प्रधान राकेश चौरसिया, अरविंद चंदेल, राजू चौरसिया, महबूब अली, सुरेश पांडेय, आलोक तोमर आदि का कहना था कि बिजली बिना सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त है। फाल्ट के नाम पर आए दिन आपूर्ति ठप रहती है। सब स्टेशन में स्थानीय कर्मियों को हटाकर बाहरी कर्मचारी तैनात किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का का कहना था कि पैलानी में सब स्टेशन बनने के बावजूद उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। देर तक चले विरोध प्रदर्शन और जाम के बाद तहसीलदार पैलानी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी नहीं सुनी। ग्रामीण आयुक्त और डीएम को यहां आने की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
लगभग दो घंटे बाद बिजली विभाग के एसडीओ रामनारायण रमन ने लिखित आश्वासन दिया कि 3-4 दिनों में सब स्टेशन को दुरुस्त कराकर आपूर्ति की जाएगी। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह के समझाने-बुझाने पर जाम खत्म हुआ। लक्ष्मीकांत गुप्त, प्रधान राकेश चौरसिया, अरविंद चंदेल, राजू चौरसिया, महबूब अली, सुरेश पांडेय, आलोक तोमर आदि का कहना था कि बिजली बिना सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त है। फाल्ट के नाम पर आए दिन आपूर्ति ठप रहती है। सब स्टेशन में स्थानीय कर्मियों को हटाकर बाहरी कर्मचारी तैनात किए जाने की मांग की।
विज्ञापन