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बुंदेलखंड के गांवों में जल क्रांति की कवायद

Fri, 13 May 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 13 May 2016 11:29 PM IST
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Revolution in the villages of Bundelkhand water exercise
बदहाल बुंदेलखंड - फोटो : amar ujala bureau

बांदा। सूखे बुंदेलखंड के गांवों में जल क्रांति लाने की सरकारी कवायदें शुरू हो गई हैं। केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने जल क्रांति अभियान के तहत जिले के दो गांवों का चयन किया है। इन गांवों में जल उपभोक्ता समितियां गठित होंगी।

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महिला सदस्य को नीर रानी (जल मित्र) के रूप में चयनित किया जाएगा। वह अपने गांव के जलस्रोतों, तालाब, कुओं आदि की देखरेख करेगी। इसमें कई विभागों के अधिकारी भी काम करेंगे। हालांकि मंत्रालय ने इसके लिए कोई फंड या बजट नहीं जारी किया है।
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केंद्रीय जल संसाधन विकास मंत्री उमा भारती की पहल पर बुंदेलखंड में यह योजना शुरू की गई है। केंद्रीय जल बोर्ड की निगरानी में चयनित गांवों में पेयजल और सिंचाई के स्रोत व संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। केंद्रीय जल आयोग के मंडलीय अभियंता इसके नोडल होंगे।
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ग्राम्य विकास विभाग (डीआरडीए) को भेजी गाइड लाइन में जल क्रांति अभियान के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई है। बांदा जिले में तिंदवारी ब्लाक के खरैई और बबेरू ब्लाक के जलालपुर को इस योजना के लिए चुना गया है। इन गांवों में तालाब, कुओं का पुनरोद्धार किया जाना है। मलबे से पटे तालाबों की खुदाई होगी।

नए तालाब बनेंगे। यह सब काम मनरेगा और अन्य विभागों के सहयोग से होंगे। ग्राम्य विकास विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य, जल निगम, लघु सिंचाई, केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी गांवों में जाकर गठित जल उपभोक्ता समिति की कार्य योजना व प्रस्ताव पर काम कराएंगे। जल स्तर दुरुस्त करने के लिए बारिश के पानी का संरक्षण किया जाएगा।

पानी कम लगे, इसके लिए किसानों को टपक सिंचाई (स्प्रिंकलर सेट) के जरिये सिंचाई को प्रोत्साहित व प्रेरित किया जाएगा। जलनिकासी की व्यवस्था होगी। जल उपभोक्ता समिति में गांव के प्रबुद्ध लोगों को शामिल किया जाएगा। कोई एक महिला ग्राम पंचायत को ‘नीर नारी’ चयनित किया जाएगा। यह जल मित्र भी कहलाएगी। हालांकि इनके लिए कोई मानदेय नहीं निर्धारित किया गया है।

नोडल बने एसडीओ का दोटूक इनकार
बांदा। शासन ने जल क्रांति योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दे रखी है, लेकिन यहां नोडल बनाए गए केंद्रीय जल आयोग के एसडीओ अरविंद राय ने योजना की बाबत कोई भी जानकारी देने व मिलने से मना कर दिया। कार्यालय में अक्सर उपलब्ध न रहने वाले एसडीओ ने कहा कि कोई भी जानकारी मंडलीय कार्यालय (आगरा) से ही मिलेगी। इसके लिए वे सक्षम नहीं हैं और न ही मीडिया को इसकी सूचना दे सकते हैं।


जल क्रांति अभियान शुरू करने के लिए शासन से गाइड लाइन है, लेकिन इसके लिए कोई बजट नहीं है। यह सब जनता व अधिकारियों के सहयोग से किया जाएगा। इन दो गांवों में प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले साल में 10 गांवों का चयन होगा। फिलहाल इस योजना के लिए डीएम ने बैठक बुलाई है। उनके निर्देश पर अमल किया जाएगा।
-रमेश चंद्र पांडेय, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग।

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