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मानसून की बेरुखी से धान की खेती को झटका

Thu, 06 Aug 2020 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 11:24 PM IST
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Rampage of paddy cultivation due to monsoon rage
बांदा। सावन की बारिश भी खेतों को लबालब नहीं कर सकी। मानसून की इस बेरुखी से चित्रकूटधाम मंडल में धान की खेती को झटका लगा है। आमतौर पर 15 जुलाई तक पूरी हो जाने वाली धान की रोपाई अब तक 50 फीसदी ही हो पाई है।
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15 जून से शुरू होने वाले मानसूनी मौसम की शुरुआत अच्छी रही। जून में औसत बारिश 116 मिलीमीटर (मिमी) के सापेक्ष 218 मिलीमीटर बारिश हो गई। इससे किसान गदगद हो गए। खेतों में धान की बेड़ लगाने की कवायदें शुरू हो गईं, लेकिन भरपूर बारिश वाले सावन (जुलाई) ने किसानों को मायूस किया।
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इस माह 322 मिलीमीटर औसत बारिश के मुकाबले मात्र 214 मिलीमीटर ही पानी बरसा, जो धान की रोपाई के लिए नाकाफी था। कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मंडल में अब तक मात्र 50 फीसदी ही धान की रोपाई हो सकी है।
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कृषि विभाग ने मंडल में खरीफ बुआई का लक्ष्य 4,34,297 हेक्टेअर निर्धारित किया है। इसमें 58,466 हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाना थी। भरपूर बारिश न होने से धान की खेती को झटका लगा है। मंडल में अरहर, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल आदि की 95 फीसदी बुआई हो गई, लेकिन धान पिछड़ गया। उधर, इस बारे में उप कृषि निदेशक एके सिंह का कहना है कि इस माह बारिश ठीकठाक हुई तो धान बुवाई का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
मंडल में धान का लक्ष्य व रोपाई (हेक्टेयर में)
जनपद लक्ष्य रोपाई
बांदा 47,765 19,545
हमीरपुर 73 155
चित्रकूट 18381 8321
महोबा 247 225
योग 58,466 28,256
चार्ट
मंडल में जुलाई माह में हुई बारिश (मिमी में)
जनपद औसत बारिश
बांदा 300 106.80
महोबा 275.80 96.07
हमीरपुर 275.80 249.35
चित्रकूट 300 235.50
मंडल का औसत 287.90 172
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