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Banda News: बारिश ने खोली नालों की सफाई की पोल, सड़कें जलमग्न
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बांदा। झमाझम बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन नगर पालिका की लापरवाही से शहरवासियों को जलभराव का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख तीन नाले चोक होने से नाला-नालियां उफना गए। जलभराव होने से कीचड़ से होकर लोगों को आना-जाना पड़ा। नालों से निकाला गया कचरा न उठाने से वह फिर नालों में बह गया।
रविवार को पूरे दिन झमाझम बारिश हुई। सोमवार को भी सुबह सात बजे से दोपहर तक बारिश होती रही। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार को करीब 22 मिलीमीटर बारिश हुई। सोमवार को भी 16.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। दो दिन बारिश होने से तापमान भी नीचे आ गया। अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, बारिश से लोगों के उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली लेकिन शहरवासियों के लिए दुखदाई भी रही। नगर पालिका की लापरवाही से ज्यादातर नाले-नालियां उफना उठे और सड़क व गलियों में जलभराव हो गया। शहर का प्रमुख नाला पंकज कालूकुआं से डीएम कॉलोनी व स्वराज काॅलोनी, शंभूनगर से होते हुए केन नदी में गिरता है। इस नाले के जरिए सिविल लाइंस, डीसीडीएफ, डीएम काॅलोनी, स्वराज काॅलोनी, शंभूनगर सहित कई मोहल्लों के जल की निकासी होती है।
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नाले पर जगह-जगह अतिक्रमण होने से पालिका कर्मी पूरा नाला साफ नहीं कर पाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ और पहली ही जोरदार बारिश में नाला उफनाता रहा। सेढ़ू नाले में भी परशुराम मोहल्ला, सेढ़ू तलैया, अतर्रा चुंगी सहित करीब छह मोहल्लों का पानी बहता है। इसे इस बार साफ ही नहीं कराया गया। इससे इन मोहल्लों में जलभराव का सामना करना पड़ा।
निम्नी नाला में भी छोटी बाजार, बन्योटा, बलखंडी नाका, मढि़यानाका, खुटला, मर्दननाका आदि मोहल्लों का पानी निकलता है। इसमें भी लोगों के जगह-जगह अतिक्रमण करने से साफ नहीं हो सका और इन मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव हुआ।
गलियों में भर गया घुटनों तक पानी
शंभूनगर के शुभम ने बताया कि बारिश से सभी गलियों में घुटनों तक पानी भरा रहा। कई लोगों के घरों में पानी पहुंच गया। नगर पालिका ने यहां नालियां तक नहीं बनवाईं। नाला साफ न होने से बारिश रुला रही है। -शुभम, शंभूनगर।
मुक्तिधाम रोड क्योटरा के अमित गुप्ता का कहना है कि मोहल्ले में वर्षा से नालों की सफाई नहीं कराई गई। इसका खामियाजा मोहल्लेवासी भुगत रहे हैं। बारिश होने से पानी नालों की बजाय सड़कों पर बहता है। लोग घरों में कैद रहते हैं।
झमाझम बारिश से खेती-किसानी में आई तेजी
बांदा। बारिश से खेती-किसानी के काम में भी तेजी आ गई है। किसान कहीं मेड़बंदी कर रहे हैं तो कहीं धान की नर्सरी डालने में जुट गए हैं। राजकीय बीज भंडारों में किसान बीज के लिए चक्कर लगा रहे हैं, पर उन्हें मनमुताबिक प्रजातियों के बीज नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से उन्हें महंगा बीज खरीदना पड़ रहा है। किसान अरहर, मूंग, तिल, सोयाबीन सहित मोटे अनाजों की बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ. श्याम सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि मेड़बंदी कर बारिश का पानी खेत में रोकें।
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रविवार को पूरे दिन झमाझम बारिश हुई। सोमवार को भी सुबह सात बजे से दोपहर तक बारिश होती रही। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार को करीब 22 मिलीमीटर बारिश हुई। सोमवार को भी 16.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। दो दिन बारिश होने से तापमान भी नीचे आ गया। अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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उधर, बारिश से लोगों के उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली लेकिन शहरवासियों के लिए दुखदाई भी रही। नगर पालिका की लापरवाही से ज्यादातर नाले-नालियां उफना उठे और सड़क व गलियों में जलभराव हो गया। शहर का प्रमुख नाला पंकज कालूकुआं से डीएम कॉलोनी व स्वराज काॅलोनी, शंभूनगर से होते हुए केन नदी में गिरता है। इस नाले के जरिए सिविल लाइंस, डीसीडीएफ, डीएम काॅलोनी, स्वराज काॅलोनी, शंभूनगर सहित कई मोहल्लों के जल की निकासी होती है।
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नाले पर जगह-जगह अतिक्रमण होने से पालिका कर्मी पूरा नाला साफ नहीं कर पाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ और पहली ही जोरदार बारिश में नाला उफनाता रहा। सेढ़ू नाले में भी परशुराम मोहल्ला, सेढ़ू तलैया, अतर्रा चुंगी सहित करीब छह मोहल्लों का पानी बहता है। इसे इस बार साफ ही नहीं कराया गया। इससे इन मोहल्लों में जलभराव का सामना करना पड़ा।
निम्नी नाला में भी छोटी बाजार, बन्योटा, बलखंडी नाका, मढि़यानाका, खुटला, मर्दननाका आदि मोहल्लों का पानी निकलता है। इसमें भी लोगों के जगह-जगह अतिक्रमण करने से साफ नहीं हो सका और इन मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव हुआ।
गलियों में भर गया घुटनों तक पानी
शंभूनगर के शुभम ने बताया कि बारिश से सभी गलियों में घुटनों तक पानी भरा रहा। कई लोगों के घरों में पानी पहुंच गया। नगर पालिका ने यहां नालियां तक नहीं बनवाईं। नाला साफ न होने से बारिश रुला रही है। -शुभम, शंभूनगर।
मुक्तिधाम रोड क्योटरा के अमित गुप्ता का कहना है कि मोहल्ले में वर्षा से नालों की सफाई नहीं कराई गई। इसका खामियाजा मोहल्लेवासी भुगत रहे हैं। बारिश होने से पानी नालों की बजाय सड़कों पर बहता है। लोग घरों में कैद रहते हैं।
झमाझम बारिश से खेती-किसानी में आई तेजी
बांदा। बारिश से खेती-किसानी के काम में भी तेजी आ गई है। किसान कहीं मेड़बंदी कर रहे हैं तो कहीं धान की नर्सरी डालने में जुट गए हैं। राजकीय बीज भंडारों में किसान बीज के लिए चक्कर लगा रहे हैं, पर उन्हें मनमुताबिक प्रजातियों के बीज नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से उन्हें महंगा बीज खरीदना पड़ रहा है। किसान अरहर, मूंग, तिल, सोयाबीन सहित मोटे अनाजों की बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ. श्याम सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि मेड़बंदी कर बारिश का पानी खेत में रोकें।