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त्वरित न्याय: नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म में पिता को उम्रकैद
Thu, 31 Aug 2023 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 31 Aug 2023 12:56 AM IST
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चित्रकूट। पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के 21 वें दिन स्पेशल जज ने आरोपी पर दोष सिद्ध होने के बाद सजा सुनाई। सजा सुनते ही अदालत में दोषी पिता फूट-फूट कर रोया।
बुधवार को विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग पुत्री ने थाने जाकर पुलिस को बताया था कि पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसी साल नौ जुलाई को हुई इस घटना की रिपोर्ट दूसरे दिन 10 जुलाई को बाल कल्याण अधिकारी बालकिशुन ने दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने इस मामले में मऊ पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय में भी प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए थे।
इसके चलते रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान कराए थे। साथ ही आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस की ओर से मामले में नौ अगस्त को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
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इसके 21 वें दिन विशेष न्यायधीश विनीत नारायण पांडेय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी पिता को आजीवन कारावास और 43 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनते ही अदालत में ही दोषी रोने लगा। वहां पर मौजूद अन्य परिजन उसके पास भी नहीं गए। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
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बुधवार को विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग पुत्री ने थाने जाकर पुलिस को बताया था कि पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसी साल नौ जुलाई को हुई इस घटना की रिपोर्ट दूसरे दिन 10 जुलाई को बाल कल्याण अधिकारी बालकिशुन ने दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने इस मामले में मऊ पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय में भी प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए थे।
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इसके चलते रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान कराए थे। साथ ही आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस की ओर से मामले में नौ अगस्त को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
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इसके 21 वें दिन विशेष न्यायधीश विनीत नारायण पांडेय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी पिता को आजीवन कारावास और 43 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनते ही अदालत में ही दोषी रोने लगा। वहां पर मौजूद अन्य परिजन उसके पास भी नहीं गए। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।