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डार्क जोन में निजी नलकूप 31 तक हो सकेंगे नियमित
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बांदा। डार्क जोन इलाकों में ट्यूबवेल पर रोक के बावजूद किसानों द्वारा अनियमित ढंग से निजी नलकूप लगा लेने पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन नरम पड़ गया है। कारपोरेशन ने अनियमित नलकूपों को नियमित करने की हरी झंडी दे दी है। इसके लिए कारपोरेशन ने बाकायदा अभियान शुरू किया है, जो 31 दिसंबर तक चलेगा। बुंदेलखंड में बांदा, महोबा आदि जिलों में कई क्षेत्र डार्क जोन हैं।
कई साल पूर्व डार्क जोन घोषित होने के बाद सभी तरह के नलकूपों पर रोक लग गई थी। इसके बावजूद कुछ किसानों ने गुपचुप ढंग से बिना अनुमति के निजी नलकूप लगा लिए। इनमें अवैध रूप से बिजली कनेक्शन ले लिया गया।
उधर, किसान संगठनों के बढ़ते दबाव के बाद प्रदेश सरकार ने कई क्षेत्रों से सर्वे के बाद डार्क जोन की पाबंदियां हटा लीं, लेकिन महोबा अभी भी डार्क जोन घोषित है। किसानों के बढ़ते दबाव पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने निजी नलकूपों में अनियमित रूप से ले रखे गए बिजली कनेक्शनों को नियमित करने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दे दी थी। इसके लिए कारपोरेशन ने गाइड लाइन जारी की थी।
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अवैध नलकूप कनेक्शनों को नियमित कराने की छूट के बाद भी अधिकांश किसानों ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली। इस पर पावर कारपोरेशन ने पूरे प्रदेश के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी किए थे कि अनियमित निजी नलकूपों के संयोजन को चिह्नित करने का अभियान चलाया जाए। उनके नियमितीकरण की कार्रवाई की जाए।
यह भी कहा था कि बिजली विभाग के स्टोर से अगर अनियमित नलकूप के लिए सामग्री का उपयोग किया गया है तो सामग्री देने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसकी समीक्षा ऊर्जा मंत्री मासिक बैठक में कर रहे हैं।
कारपोरेशन के मुख्य अभियंता (डीएसएम) द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देकर चित्रकूटधाम मंडल बांदा के अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा ने बताया कि गाइड लाइन के मुताबिक निजी नलकूपों के अनियमित संयोजनों को नियमित करने की योजना एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब यह 31 दिसंबर तक चलेगी। नई कास्ट (लागत) डाटा बुक के मुताबिक प्रोसेसिंग फीस और फिक्सेस चार्ज जमा कराया जाएगा। गाइड लाइन पूर्ववत रहेगी।
14 शर्तों के साथ नियमितीकरण की गाइड लाइन
डार्क जोन क्षेत्रों में अनियमित रूप से चलाए जा रहे निजी नलकूपों पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंध निदेशक अपर्णा यू द्वारा पूर्व में जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार सभी प्रबंध निदेशकों को 14 बिंदुओं पर अमल करते हुए नियमितीकरण करने का निर्देश दिया है। गाइड लाइन के मुताबिक आवेदनकर्ता द्वारा निजी नलकूपों में अनियमित लाइन डाले जाने का विवरण और उसको नियमित करने के लिए शपथ पत्र देना होगा।
उनकी इस्तेमाल की जा रही लाइनों/ट्रांसफार्मरों को उपयोग में लाकर एकमुश्त धनराशि जमा कराई जाएगी। प्रति नलकूप में लाइन और ट्रांसफार्मर आदि के लिए 1.5 लाख का औसत इस्टीमेट दिए जाने और स्टोर से अतिरिक्त सामग्री निर्गत न किए जाने की दशा में इस्टीमेट का 15 प्रतिशत (22,500 रुपये) एक मुश्त जमा कराया जा सकता है। जिस तिथि से नलकूप की बोरिंग स्थापित हुई है, उसी दिन से बिल लिया जाएगा।
31 तक नियमितीकरण न कराया तो कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि कारपोरेशन ने अनियमित निजी नलकूप संचालकों को एक बार फिर अपना कनेक्शन नियमित कराने का मौका दिया है। डार्क जोन में चल रहे अनियमित निजी नलकूप के संचालक इस अवधि में नियमितीकरण करा लें। वरना इसके बाद अवैध रूप से कनेक्शन लेकर नलकूप चलता पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि सभी अधिशासी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को भी इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सौभाग्य योजना के तहत गरीब पात्रों को मुफ्त कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्हें 500 रुपये 10 माह तक किस्त में देना होंगे। आवेदन के लिए दो फोटो, आधार कार्ड या वोटर आईडी, आवास का प्रमाण आदि देना होगा।
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कई साल पूर्व डार्क जोन घोषित होने के बाद सभी तरह के नलकूपों पर रोक लग गई थी। इसके बावजूद कुछ किसानों ने गुपचुप ढंग से बिना अनुमति के निजी नलकूप लगा लिए। इनमें अवैध रूप से बिजली कनेक्शन ले लिया गया।
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उधर, किसान संगठनों के बढ़ते दबाव के बाद प्रदेश सरकार ने कई क्षेत्रों से सर्वे के बाद डार्क जोन की पाबंदियां हटा लीं, लेकिन महोबा अभी भी डार्क जोन घोषित है। किसानों के बढ़ते दबाव पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने निजी नलकूपों में अनियमित रूप से ले रखे गए बिजली कनेक्शनों को नियमित करने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दे दी थी। इसके लिए कारपोरेशन ने गाइड लाइन जारी की थी।
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अवैध नलकूप कनेक्शनों को नियमित कराने की छूट के बाद भी अधिकांश किसानों ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली। इस पर पावर कारपोरेशन ने पूरे प्रदेश के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी किए थे कि अनियमित निजी नलकूपों के संयोजन को चिह्नित करने का अभियान चलाया जाए। उनके नियमितीकरण की कार्रवाई की जाए।
यह भी कहा था कि बिजली विभाग के स्टोर से अगर अनियमित नलकूप के लिए सामग्री का उपयोग किया गया है तो सामग्री देने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसकी समीक्षा ऊर्जा मंत्री मासिक बैठक में कर रहे हैं।
कारपोरेशन के मुख्य अभियंता (डीएसएम) द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देकर चित्रकूटधाम मंडल बांदा के अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा ने बताया कि गाइड लाइन के मुताबिक निजी नलकूपों के अनियमित संयोजनों को नियमित करने की योजना एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब यह 31 दिसंबर तक चलेगी। नई कास्ट (लागत) डाटा बुक के मुताबिक प्रोसेसिंग फीस और फिक्सेस चार्ज जमा कराया जाएगा। गाइड लाइन पूर्ववत रहेगी।
14 शर्तों के साथ नियमितीकरण की गाइड लाइन
डार्क जोन क्षेत्रों में अनियमित रूप से चलाए जा रहे निजी नलकूपों पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंध निदेशक अपर्णा यू द्वारा पूर्व में जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार सभी प्रबंध निदेशकों को 14 बिंदुओं पर अमल करते हुए नियमितीकरण करने का निर्देश दिया है। गाइड लाइन के मुताबिक आवेदनकर्ता द्वारा निजी नलकूपों में अनियमित लाइन डाले जाने का विवरण और उसको नियमित करने के लिए शपथ पत्र देना होगा।
उनकी इस्तेमाल की जा रही लाइनों/ट्रांसफार्मरों को उपयोग में लाकर एकमुश्त धनराशि जमा कराई जाएगी। प्रति नलकूप में लाइन और ट्रांसफार्मर आदि के लिए 1.5 लाख का औसत इस्टीमेट दिए जाने और स्टोर से अतिरिक्त सामग्री निर्गत न किए जाने की दशा में इस्टीमेट का 15 प्रतिशत (22,500 रुपये) एक मुश्त जमा कराया जा सकता है। जिस तिथि से नलकूप की बोरिंग स्थापित हुई है, उसी दिन से बिल लिया जाएगा।
31 तक नियमितीकरण न कराया तो कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि कारपोरेशन ने अनियमित निजी नलकूप संचालकों को एक बार फिर अपना कनेक्शन नियमित कराने का मौका दिया है। डार्क जोन में चल रहे अनियमित निजी नलकूप के संचालक इस अवधि में नियमितीकरण करा लें। वरना इसके बाद अवैध रूप से कनेक्शन लेकर नलकूप चलता पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि सभी अधिशासी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को भी इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सौभाग्य योजना के तहत गरीब पात्रों को मुफ्त कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्हें 500 रुपये 10 माह तक किस्त में देना होंगे। आवेदन के लिए दो फोटो, आधार कार्ड या वोटर आईडी, आवास का प्रमाण आदि देना होगा।