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Banda News: गवाइन नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प
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बांदा। नदियों के संरक्षण पर ग्राम लोहार में गोष्ठी हुई। कवि केशव तिवारी ने कहा कि अब तक उपेक्षित नदियों पर दर्जनों कविताएं लिखी हैं, लेकिन आज गवाइन नदी के पुनर्जीवन यात्रा और गोष्ठी में आकर बहुत ही खुशी मिली है। इस मौके पर गवाइन नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प भी लिया।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष आनंद सिन्हा ने कहा कि नदियों और तालाबों से जब तक लोगों का आत्मीय लगाव नहीं होगा, तब तक नदियां सूखती ही रहेंगी। चित्रकूट के समाजसेवी अभिमन्यु भाई ने कहा कि मंदाकिनी को पुनर्जीवित करने के लिए 20 साल से संघर्ष कर रहे हैं। कहा कि मंदाकिनी जिंदा नहीं रही तो चित्रकूट की संस्कृति और समाज भी जिंदा नहीं रहेगा।
टीवी के प्रसिद्ध कवि अर्जुन सिंह चांद ने कहा कि गवाइन और मंदाकिनी को पुनर्जीवित करने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। सीबीआई के सेवानिवृत्त जज अवधेश नारायण द्विवेदी ने सहयोग का आश्वासन दिया। एडीआर के प्रदेश संयोजक अनिल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की पुनर्जीवित नदियां इस बात का उदाहरण है कि ट्रांसपोर्टर अब वहां सब्जियां खरीदने आते हैं और उन गांवों का पलायन रुक गया है। यह दृश्य मंदाकिनी और गवाइन नदियों के किनारे बसे गांवों में भी हो सकता है।
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ग्राम प्रधान सुरेश रैकवार, अंगद मिश्र, ओम प्रकाश त्रिपाठी, रमाकांत त्रिपाठी, लल्लू रैकवार, रमेश फौजी, पंकज, कुंवर अरविंद सिंह ने भी विचार रखे। आभार जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने किया।
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जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष आनंद सिन्हा ने कहा कि नदियों और तालाबों से जब तक लोगों का आत्मीय लगाव नहीं होगा, तब तक नदियां सूखती ही रहेंगी। चित्रकूट के समाजसेवी अभिमन्यु भाई ने कहा कि मंदाकिनी को पुनर्जीवित करने के लिए 20 साल से संघर्ष कर रहे हैं। कहा कि मंदाकिनी जिंदा नहीं रही तो चित्रकूट की संस्कृति और समाज भी जिंदा नहीं रहेगा।
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टीवी के प्रसिद्ध कवि अर्जुन सिंह चांद ने कहा कि गवाइन और मंदाकिनी को पुनर्जीवित करने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। सीबीआई के सेवानिवृत्त जज अवधेश नारायण द्विवेदी ने सहयोग का आश्वासन दिया। एडीआर के प्रदेश संयोजक अनिल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की पुनर्जीवित नदियां इस बात का उदाहरण है कि ट्रांसपोर्टर अब वहां सब्जियां खरीदने आते हैं और उन गांवों का पलायन रुक गया है। यह दृश्य मंदाकिनी और गवाइन नदियों के किनारे बसे गांवों में भी हो सकता है।
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ग्राम प्रधान सुरेश रैकवार, अंगद मिश्र, ओम प्रकाश त्रिपाठी, रमाकांत त्रिपाठी, लल्लू रैकवार, रमेश फौजी, पंकज, कुंवर अरविंद सिंह ने भी विचार रखे। आभार जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने किया।