{"_id":"5c9525e6bdec2214422faa6b","slug":"phag-ki-dhoom","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं मटकी फोड़ी तो कहीं फाग की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं मटकी फोड़ी तो कहीं फाग की धूम
Fri, 22 Mar 2019 11:43 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Fri, 22 Mar 2019 11:43 PM IST
विज्ञापन
कंचन पुरवा में फूलों की होली खेल रहे होलियारे।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होली के रंग में दो दिन पूरा जिला सराबोर रहा। गांवों और घरों से लेकर सड़कों तक मौज मस्ती ही नजर आई। चेहरे और जिस्म रंग बिरंगे रहे। सड़कें और गलियां भी होली के रंगबिरंगी नजर आईं। युवा वर्ग पर होली की मस्ती सिर चढ़कर बोली। बूढ़े, जवान और बच्चे भी इससे अछूते नहीं रहे। मटकी फोड़ प्रतियोगिता और गांवों में ढोलक-मंजीरे की थाप के बीच फाग गाए गए।
विज्ञापन
बुधवार देर रात शुरू हुआ होलिका दहन का सिलसिला आधी रात तक चला। बृहस्पतिवार की सुबह से दो दिवसीय होली का आगाज हुआ। होलिका दहन स्थल और चौराहों पर लाउडस्पीकर में गूूंजते होली गीतों के बीच रंगों की बरसात रही। एक-दूसरे के चेहरों के रंगत बदल देने की होड़ रही। शहर से लेकर कस्बों और गांवों का कोई इलाका होली से अछूता नहीं रहा।
विज्ञापन
शुक्रवार को रंग और परवान चढ़ गया। कालूकुआं में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में आयोजक डॉ. रमेश राजपूत सहित मंगल, कमलेश राजपूत, कोमल, ज्योति, मनोज, अमर सिंह राजपूत आदि शामिल रहे। उधर, कंचन पुरवा में फूलों की होली खेली गई। बसपा नेता श्याम मोहन धुरिया आदि शामिल रहे। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत तरीके से ठंडाई और भांग का दौर चला। ढोलक-मंजीरों के साथ पुराने बुंदेली फाग के स्वर गूंजते रहे। इसके अलावा बबेरू, नरैनी, कमासिन, तिंदवारी, बदौसा, बिसंडा, मटौंध, चिल्ला, खप्टिहाकलां, जसपुरा, पैलानी, खुरहंड, गिरवां, कालिंजर, करतल, बड़ोखर बुजुर्ग, ओरन समेत जगह-जगह होली का उत्साह दिखाई दिया।
विज्ञापन