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दस्यु दल की आहट से दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 17 May 2015 11:47 PM IST
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शहर के मोहल्लों और सीमावर्ती गांवों में नवोदित दस्यु दल की चहलकदमी से लोग दहशत में है। ग्रामीणों ने रात को घर से निकलना बंद कर दिया है। गिरोह में एक युवती और एक महिला भी शामिल है। दस्यु दल की सूचना पर रविवार को पुलिस बल ने शहर के नजदीकी गांवों की काबिंग की और ग्रामीणों से बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई।
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पिछले एक सप्ताह से केन किनारे आबाद शहर के कांशीराम कालोनी, खुटला, कालकन, निम्नीपार, मानिक कुइयां समेत गोंड़ी बाबा, कहला, गंछा, बजरंग पुरवा, बोधी पुरवा, खोड़न, माधौपुर आदि गांवों में दस्यु दल की मूवमेंट है। ग्रामीणों के मुताबिक गैंग में लगभग 9 सदस्य हैं।
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गिरोह के साथ एक महिला और युवती भी देखी गई है। इनमें ज्यादातर सदस्य युवा हैं और 315 बोर अद्धी राइफल और कटटें (तमंचे) से लैस हैं। दिन में गिरोह नदी की तलहटी और दिन ढलते ही गैंग गांवों की गलियों में घूमने लगता है। ग्रामीणों का मानना है कि नवोदित गैंग किसी बड़ी वारदात की फिराक में है।
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उधर, रविवार को दोपहर बदमाशों के दिनदहाड़े गांवों में घूमने की सूचना पर पुलिस ने कांबिंग की। पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह (नगर), पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार (सदर) की अगुवाई में पुलिस जवानों ने कहला, बजरंग पुरवा, गंछा आदि गांव समेत केन किनारे बदमाशों की तलाश की। लगभग 4 घंटे से ज्यादा समय तक चली कांबिंग में बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।
एक को चोट लगी, दूसरे सीओ बीमार
बांदा। कांबिंग संबंधी जानकारी लेने पर पुलिस उपाधीक्षक (नगर) विनोद सिंह का कहना था कि बदमाशों की तलाश के दौरान उनके पैर में मोच आ गई है। वह दवा खाकर आराम कर रहे हैं। सदर क्षेत्राधिकार से पूछ लीजिए। उधर, सदर क्षेत्राधिकारी से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि तेज धूप की वजह से तबियत खराब हो गई है। बाद में बात करेंगे।
महिलाएं रोकती हैं, बदमाश लूटते हैं
बांदा। गैंग में शामिल महिला और युवती का मुख्य काम शिकार को अपने जाल में फांसना है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों महिलाएं गांव के रास्ते पर बैठकर शिकार का इंतजार करती हैं। बाइक चालक या अन्य वाहन चालकों को हाथ देकर रोक लेती हैं। वाहन रुकते ही झाड़ियों में छिपे अन्य बदमाश घेर लेते हैं। मारपीट के साथ लूटपाट करने के बाद गिरोह सदस्य भाग निकलते हैं।