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ओवरलोडिंग से इंजन फेल, खड़ी हो गई ट्रेन
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:21 PM IST
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इंजन फेल हो जाने पर खैराडा जंक्शन में खड़ी मालगाड़ी।
- फोटो : amarujala
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बांदा। क्षमता से अधिक लोड की मालगाड़ी ले जा रहा इंजन फेल हो गया। बीच रास्ते में खड़े हो जाने से बांदा-झांसी और बांदा-कानपुर रूट लगभग तीन घंटे तक ठप रहे। दो और इंजन लगाकर मालगाड़ी को खैराडा जंक्शन तक पहुंचाया गया। इस बीच तीन यात्री ट्रेनें भी खड़ी रहीं।
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सोमवार को सुबह सीमेंट से लदी 72 बोगी वाली ट्रेन बांदा से झांसी के लिए रवाना की गई। ओवरलोड होने से ट्रेन रफ्तार नहीं पकड़ पाई। बांदा से खैराडा तक रेलवे रूट में चढ़ाई भी है। बमुश्किल रेंगती मालगाड़ी अंतत: खैराडा रेलवे स्टेशन से कुछ पहले खड़ी हो गई। लोको पायलट (चालक) योगेंद्र प्रसाद ने ट्रेन आगे बढ़ा पाने में हाथ खड़े कर दिए।
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ट्रेन के बीच रूट पर खड़े हो जाने से बांदा-झांसी और बांदा-कानपुर रूट ठप हो गए। चालक ने रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों को सूचना दी। इससे रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन बांदा-झांसी शटल ट्रेन का इंजन और खैराडा मेें खड़ी एक अन्य मालगाड़ी का इंजन भी ओवरलोड मालगाड़ी में लगाकर ट्रेन को खैराडा जंक्शन तक पहुंचाया गया। नतीजतन बांदा से खैराडा मात्र 10 किलोमीटर की दूरी यह मालगाड़ी तीन घंटे में तय कर पाई।
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रूट बंद होने से बांदा-झांसी पैसेंजर को तीन घंटे बांदा स्टेशन को रोके रखा गया। उधर, निजामुद्दीन से आ रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को खैराडा जंक्शन पर आधा घंटा और खुजराहो-बांदा-कानपुर पैसेंजर को मटौंध स्टेशन में करीब दो घंटा रोके रखा गया।
मालगाड़ी लोको पायलट ने खैराडा स्टेशन प्रबंधक को दी लिखित सूचना में कहा कि मालगाड़ी में 4912 टन माल लोड था। इस बारे में बांदा स्टेशन प्रबंधक वीपी वर्मा का कहना है कि मालगाड़ी में 4200 टन माल लोड होने का प्रावधान है। लेकिन इसमें 4912 टन लोड लेकर यह मालगाड़ी बांदा आई। इसे आगे बढ़ा दिया गया।
प्रबंधक ने बताया कि केन नदी का पुल पार करने के बाद तीन किलोमीटर तक पटरी पर खड़ी चढ़ाई है। दूसरी वजह यह है कि बारिश में ट्रेन के पहिये पटरी पर स्लिप होने लगते हैं। इंजीनियरिंग टीम ने मालगाड़ी के इंजन का पावर आदि चेक कर आगे रवाना किया।