{"_id":"579647d44f1c1b2d6421e3a5","slug":"offer-them-voting-uproar","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे की भेंट चढ़ा मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे की भेंट चढ़ा मतदान
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
बबेरू में पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के चुनाव में मतपेटी उठा लाए शिक्षक।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बबेरू। उत्तर प्रदेश पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जनपदीय अधिवेशन में हो रहा चुनाव हंगामे की भेंट चढ़ गया। 83 वोट पड़ जाने के बाद मतदान रोक दिया गया और डाले गए मतपत्र तथा हस्ताक्षर रजिस्टर जला दिए गए।
विज्ञापन
कुछ टीचर मतपेटी बाहर उठा ले गए। बुजुर्ग शिक्षकों ने समझा-बुझाकर मामला शांत किया और तीन माह के अंदर आम सहमति से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया।
जेपी शर्मा इंटर कालेज में अधिवेशन के पहले दिन रविवार को अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नाम वापसी के बाद सोमवार को मतदान होना था।
विज्ञापन
चुनाव पर्यवेक्षक मूरतध्वज पांडेय (चित्रकूट) व सह चुनाव पर्यवेक्षक चित्रकूट जिलाध्यक्ष जैनुल आब्दीन के न आने पर मंडल अध्यक्ष अनूप तिवारी व बबेरू ब्लाक अध्यक्ष अधिवेशन व्यवस्थापक शैलेंद्र मिश्रा को चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई।दोपहर एक बजे इनकी देखरेख में मतदान शुरू हुआ। 83 मत पड़ने के बाद कुछ शिक्षक मतदाताओं ने गोपनीयता भंग करने की शिकायत करते हुए आपत्ति जताई।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष प्रत्याशी कमलेश सिंह ने विरोध जताते हुए कहा कि रजिस्टर क्रमांक व मत पत्र क्रमांक एक होने से मतदाताओं की गोपनीयता भंग हो जाएगी। उन्होंने चुनाव स्थगित करने की मांग की। इस बीच कुछ टीचर मतपेटी और रजिस्टर बाहर उठा लाए। हंगामे के साथ एक-दूसरे पर धांधली का आरोप लगाने लगे।
जिलाध्यक्ष यूसुफ खां व कन्हैयालाल दीक्षित ने समझा-बुझाकर हंगामा खत्म कराया। सभी की सहमति से मतपेटी में पड़े 83 मतपत्र व हस्ताक्षर रजिस्टर जला दिए गए। अनूप तिवारी, जयकरन श्रीवास, भागवत प्रसाद त्रिपाठी, कन्हैयालाल दीक्षित, यूसुफ खां व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी केतराम पाल और कमलेश सिंह ने बैठक कर चुनाव होने तक यूसुफ खां को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बने रहने और तीन माह के अंदर चुनाव कराने का निर्णय लिया गया।