जामा मस्जिद के पास से हटेंगे कब्जे
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बांदा। भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित बांदा शहर की ऐतिहासिक नवाबी जामा मस्जिद के इर्द-गिर्द स्थित पुरातत्व विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जे हटाने के निर्देश पुरातत्व विभाग ने जारी किए हैं। पुरातत्व विभाग को यह निर्देश भारत सरकार ने दिया है। जिलाधिकारी को अवैध कब्जों की भेजी गई सूची में दो सरकारी विभागों सहित नौ अतिक्रमणकारी शामिल हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद (लखनऊ) द्वारा यहां जिला मजिस्ट्रेट को भेजे गए पत्र में भारत सरकार द्वारा पुरातत्व विभाग के महानिदेशक को जारी किए गए निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि महानिदेशक ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियम-38 (1) के तहत संरक्षित इमारतों और पुरातत्व महत्व के स्थलों पर अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया है। महानिदेशक ने बांदा शहर की संरक्षित नवाबी जामा मस्जिद के इर्द-गिर्द अवैध निर्माण और कब्जे करने वालों की सूची भी लखनऊ कार्यालय के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजी है। साथ ही अधिनियम का हवाला देकर निर्देश दिया है कि अवैध निर्माण शीघ्र हटाए जाएं। अधीक्षण पुरातत्वविद, लखनऊ ने यह पत्र जिलाधिकारी को जारी किया है। अवैध निर्माण कर्ताओं में जल संस्थान और खानकाह इंटर कालेज भी शामिल है।
जामा मस्जिद की संरक्षित भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जा करने वालों की पुरातत्व विभाग द्वारा डीएम को भेजी गई सूची-
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1. अधिशासी अभियंता, जल संस्थान, बांदा।
2. प्रबंधक, खानकाह इंटर कालेज, बांदा।
3. मोतीलाल (जामा मस्जिद के सामाने)।
4. रमनलाल त्रिवेदी (जामा मस्जिद के सामने)।
5. लतीफ पुत्र अब्दुल मजीद।
6. मजीद (गोयरा वाले), नियर बारादरी स्कूल।
7. मरफी पुत्र अब्दुल मजीद (बैक साइड)।
8. शफकत, प्रधानाचार्य, बारादरी स्कूल (बैक साइड)।
9. इमरान खां पुत्र अमानउल्ला खां (जामा मस्जिद के सामने)।
मृतक प्रधानाचार्य को भी नोटिस
बांदा। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित जामा मस्जिद की भूमि पर अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार करने में लापरवाही उजागर हुई है। इसमें ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जो काफी अरसे पहले दिवंगत हो चुके हैं। इन मृतकों को भी सूची में शामिल किया गया है। उदाहरण के तौर पर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित बारादरी जूनियर हाईस्कूल है। पुरातत्व विभाग ने इसके प्रधानाचार्य के रूप में शफकत नाम लिखा है। जबकि वह 20 जुलाई 2012 को इस विद्यालय से क्योटरा जूनियर हाईस्कूल स्थानांतरित हो गए। उन्होंने अगले ही दिन वहां ज्वाइन भी कर लिया था। बीमारी से करीब एक वर्ष पूर्व उनका निधन भी चुका है। फिर भी पुरातत्व विभाग ने उन्हीं के नाम से नोटिस जारी की है।