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Banda News: अब फसलों की होगी ई पड़ताल, नहीं चलेगी लेखपालों की मनमानी

Sat, 12 Aug 2023 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Aug 2023 11:56 PM IST
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Now the crops will be investigated, the arbitrariness of accountants will not work
बांदा। घर बैठे फसलों की रिपोर्ट शासन को भेजकर बेफिक्र हो जाने वाले लेखपालों की सिरदर्दी बढ़ने वाली है। सरकार इस पर अंकुश लगाते हुए इस सर्वे को डिजिटल करने जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल क्राप सर्वे यानी ई-पड़ताल की योजना बनाई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 54 जिलों में बांदा मंडल के चारों जिलों को भी शामिल किया है। हालांकि बांदा के दस गांवों को ही इसमें शामिल किया है। इसमें जीपीएस युक्त एप के माध्यम से लेखपालों को सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
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कृषि उप निदेशक विजय कुमार ने बताया कि भारत सरकार के किसान कल्याण मंत्रालय ने फसलों के डिजिटल क्राप सर्वे के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत सरकार एग्री स्टेट मोबाइल एप जारी करेगी। लेखपाल खरीफ, रबी व जायद फसलों की बुआई के बाद फसली सर्वे के लिए खेत पर जाएंगे। किस गाटा में कौन सी फसल बोई है, इसकी न केवल बिंदुवार जानकारी फीड करेंगे, बल्कि मौके की फोटो भी अपलोड करनी होगी। पहले ऐसा नहीं होता था। इस पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के 54 जिलों में चित्रकूटधाम मंडल के महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर को पूरा शामिल किया गया है, जबकि बांदा के दस गांव लिए गए हैं। डिजिटल सर्वे से फसल और रकवे की सटीक जानकारी सरकार तक पहुंचेगी और गलत फसल लिखे जाने से किसानों को बीमा संबंधित दिक्कतें नहीं होंगी।
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ढाई सौ लेखपाल और अधिकारी ले चुके हैं प्रशिक्षण
कृषि उपनिदेशक विजय कुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से पिछले दिनों जिले के ढाई सौ लेखपालों, नायब तहसीलदारों, तहसीलदारों आदि अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। खरीफ के सर्वे का काम शुरू होना है। हालांकि अभी मोबाइल एप तैयार हो रहा है। इसके बाद लेखपाल सर्वे शुरू कर देंगे। रबी के सर्वे में मंडल के सभी जनपद पूरी तरह से शामिल होंगे।
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सर्वे को रिजेक्ट कर सकता है सुपरवाइजर
फसली ई-पड़ताल के लिए लेखपाल बतौर सर्वेयर का काम करेंगे। इनमें ऊपर सुपरवाइजर के रूप में राजस्व निरीक्षक (कानून गो) होगा। लेखपाल के सर्वे से संतुष्ट न होने पर उसे सुपरवाइजर रिजेक्ट कर देगा। इसके बाद नायब तहसीलदार खुद मौके पर जाकर सर्वे कर एप में रिपोर्ट दर्ज करेंगे।


बांदा जिले के ये गांव शामिल
-अतर्रा तहसील के खंहौरा, चंद्रायल, नरैनी के ल्हरा, सराय जदीद, पैलानी के बिछवाही, कानाखेड़ा, बबेरू के बिनवट, देवरथा, बांदा के सुरौली, बहादुरपुर शामिल है। जिनमें खरीफ की ई-पड़ताल होगी।
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