{"_id":"57e6c2b44f1c1b8341a824fc","slug":"now-prisoners-will-be-able-to-talk-to-loved-ones","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कैदी भी अपनों से कर सकेंगे बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कैदी भी अपनों से कर सकेंगे बात
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
मंडल कारागार में पीसीओ बूथ में बात करता बंदी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। जेल में बंद कैदियों और बंदियों को अपनों से हाय-हैलो का मौका मिलेगा। शासन ने जेल में फोन की सुविधा उपलब्ध करा दी है। मंडल कारागार में पीसीओ चालू हो गया है। पीसीओ की सुविधा वाली बांदा जेल बुंदेलखंड की पहली जेल बन गई है। हर बंदी हफ्ते में दो बार चयनित दो नंबरों पर घर वालों से बात कर सकेंगे।
विज्ञापन
वैसे तो बंदियों से उनके परिजन आकर मिल लेते हैं, पर ऐसे भी तमाम बंदी हैं, जो दूर-दराज के होने से लंबे अरसे तक अपनों से रूबरू नहीं हो पाते। न ही उनकी फोन पर बात हो पाती थी। अब जेल प्रशासन ने जेल के अंदर ही पीसीओ लगवाकर बंदियों को बातचीत की सुविधा दी है।
विज्ञापन
मंडल कारागार में शुक्रवार (23 सितंबर) को जेल डीआईजी एसके श्रीवास्तव ने उद्घाटन की रस्म अदा की। पीसीओ डिप्टी जेलर कार्यालय में बनाया गया है। इसके प्रभारी डिप्टी जेलर तारकेश्वर सिंह हैं। बंदी को अपने घर के कोई दो नंबर दर्ज कराने होंगे। इनमें एक पोस्टपेड मोबाइल नंबर और दूसरा लैंडलाइन फोन का नंबर होगा।
विज्ञापन
पूरे हफ्ते में बंदी को 10 मिनट मिलेंगे। चाहे वह एक दिन में 10 मिनट बात कर ले या हफ्ते में दो बार में। बंदी की उंगलियों के निशान भी लिए जाएंगे। पीसीओ की सुविधा सुबह 10 से शाम चार बजे तक उपलब्ध होगी। बातचीत की डिजिटल रिकार्डिंग और फोटोग्राफी भी होगी। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि अब तक सिर्फ एक बंदी ने पीसीओ में अपना पंजीकरण कराया है। उसने अपने घर का लैंडलाइन नंबर दिया है।
परिजनों से जमा कराएंगे चार्ज
पीसीओ में बात करने का चार्ज बंदी के परिजनों से जमा कराया जाएगा। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद 100 रुपये जमा कराए जाएंगे, जो जेलर के पास नगद जमा होंगे। अगर बंदी कम बात करता है और उसका पैसा बचता है तो अगले हफ्ते की काल में बचा पैसा समायोजित कर दिया जाएगा।
बंदी अपना चयनित नंबर बदल भी सकेंगे। इसमें 15 दिन का समय लगेगा, लेकिन नंबर उसके घर परिवार के होंगे। गलत स्थान पर फोन का दुरुपयोग पाया गया तो बंदी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। उसे दंडित भी किया जाएगा।