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Banda News: अब सपा के पीडीए मिशन में दमखम दिखाएंगे दद्दू
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बांदा। चार दशकों तक प्रदेश और खासकर बुंदेलखंड में नीले परचम को परवान चढ़ाने वाले राजनीति के पुरोधा रहे दद्दू प्रसाद अब बुंदेलखंड में सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे को धार देंगे। हाल ही में लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें सपा में शामिल करके यह जिम्मा सौंपा है।
तीन बार बसपा से विधायक और मायावती सरकार में काबीना मंत्री रहे दद्दू प्रसाद मूलरूप से बांदा के गोयरा मुगली गांव के निवासी हैं। उनके इस नए पैंतरे से सियासी गलियारों और खासकर सपा में संभावित नफा-नुकसान की चर्चाएं गर्म हैं। यह भी सुगबुगाहट है कि कुछ सपा नेताओं को दद्दू की आमद रास नहीं आ रही। पर हाईकमान के फैसले पर कुछ तीखा बयाँ कर पाने की जुर्रत नहीं जुटा पा रहे।
सपा में इंट्री के बाद दद्दू प्रसाद ने बताया कि वह सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मिशन से प्रभावित होकर सपा में आए हैं। शुरू से ही इसी एजेंडे पर उनकी राजनीति आधारित रही है। बताया कि सपा मुखिया अखिलेश ने फिलहाल उन्हें बुंदेलखंड में पीडीए एजेंडे को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। वह इसकी शुरुआत कर चुके हैं। सबके साथ मिलकर काम करेंगे।
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तीन दशक पहले शुरू की थी सियासी पारी
दद्दू प्रसाद ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत 1983 में डीएस - 4 से की। मानिकपुर (चित्रकूट) सुरक्षित सीट से 1991 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। हार गए। फिर बसपा से ही 1996, 2002 और 2007 में इसी सीट से चुनाव जीता और विधायक बने। मायावती मंत्रिमंडल में काबीना मंत्री रहे। वर्ष 2012 में कई राज्यों के बसपा प्रभारी रहे। बसपा से बाहर होने के बाद सामाजिक परिवर्तन मिशन और उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों में आरक्षण बचाओ- संविधान बचाओ- भाजपा हटाओ का नारा देते हुए यात्राएं की।
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तीन बार बसपा से विधायक और मायावती सरकार में काबीना मंत्री रहे दद्दू प्रसाद मूलरूप से बांदा के गोयरा मुगली गांव के निवासी हैं। उनके इस नए पैंतरे से सियासी गलियारों और खासकर सपा में संभावित नफा-नुकसान की चर्चाएं गर्म हैं। यह भी सुगबुगाहट है कि कुछ सपा नेताओं को दद्दू की आमद रास नहीं आ रही। पर हाईकमान के फैसले पर कुछ तीखा बयाँ कर पाने की जुर्रत नहीं जुटा पा रहे।
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सपा में इंट्री के बाद दद्दू प्रसाद ने बताया कि वह सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मिशन से प्रभावित होकर सपा में आए हैं। शुरू से ही इसी एजेंडे पर उनकी राजनीति आधारित रही है। बताया कि सपा मुखिया अखिलेश ने फिलहाल उन्हें बुंदेलखंड में पीडीए एजेंडे को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। वह इसकी शुरुआत कर चुके हैं। सबके साथ मिलकर काम करेंगे।
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तीन दशक पहले शुरू की थी सियासी पारी
दद्दू प्रसाद ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत 1983 में डीएस - 4 से की। मानिकपुर (चित्रकूट) सुरक्षित सीट से 1991 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। हार गए। फिर बसपा से ही 1996, 2002 और 2007 में इसी सीट से चुनाव जीता और विधायक बने। मायावती मंत्रिमंडल में काबीना मंत्री रहे। वर्ष 2012 में कई राज्यों के बसपा प्रभारी रहे। बसपा से बाहर होने के बाद सामाजिक परिवर्तन मिशन और उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों में आरक्षण बचाओ- संविधान बचाओ- भाजपा हटाओ का नारा देते हुए यात्राएं की।