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ऑनलाइन पढ़ाई में रोड़ा बनी नेटवर्क की समस्या

Sun, 02 Aug 2020 11:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:40 PM IST
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Network problem in online studies
बांदा। कोरोना महामारी के बीच स्कूल-कालेजों ने ऑनलाइन पढ़ाई तो शुरू करा दी, लेकिन नेटवर्क के अलावा कई दिक्कतें भी आ रही हैं। अभिभावकों ने जैसे-तैसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल और लैपटॉप की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन बच्चों के सिर में दर्द और आंखों से पानी आने की समस्या हो रही है। अभिभावक भी मान रहे हैं कि जो पढा़ई स्कूल में हो सकती है, वह ऑनलाइन नहीं हो सकती।
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कोरोना महामारी के चलते सभी स्कूल-कालेज बंद हैं। ऐसे में निजी स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन पढ़ाई की तकनीक अपनाई है। हालांकि तमाम कोशिशों के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। बमुश्किल 50-60 फीसदी ही बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा समस्या खराब नेटवर्क की है।
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शहर के महेश्वरी देवी रोड निवासी सुनील गुप्ता का कहना है कि उनका बेटा किशन गुप्ता 6वीं कक्षा में है। स्कूल की तरफ से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। उसके दो बच्चे हैं। दोनों के लिए अलग-अलग मोबाइल का जुगाड़ करना पड़ा। पढ़ाई में नेटवर्क की समस्या सबसे ज्यादा है। नेट कनेक्ट करने में समय खराब होता है।
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कैलाशपुरी के आलोक अग्रवाल ने बताया कि उनका बेटा 10वीं में पढ़ता है। ऑनलाइन पढ़ाई से आंखों में दिक्कत हो रही है। पढ़ाई भी समझ में नहीं आती और फीस पूरी लगती है। कटरा निवासी सचिन चतुर्वेदी का कहना है कि उनका पुत्र वार्तिक कक्षा 2 में पढ़ता है।
ऑनलाइन पढ़ाई मजबूरी है। ज्यादा मोबाइल देखने की वजह से उसकी आंखों पर असर पड़ा है। कमोवेश यही कहना नितिन चतुर्वेदी (कटरा) का भी है। उनकी पुत्री वंशिका चतुर्वेदी भी ऑनलाइन पढ़ाई कर रही हैं। श्यामजी निगम (कटरा) ने बताया कि कोरोना काल में यह तकनीक बेहतर है। शासन द्वारा तय समय के मुताबिक ऑनलाइन पढ़ाई का बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा।
समय की मांग है ऑनलाइन पढ़ाई
सेंट मेरीज सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल के टीचर राहुल चौहान का कहना है कि वे 12वीं के छात्रों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद हैं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षण समय की मांग और एक मात्र विकल्प है। शिक्षक पूरी लगन के साथ पढ़ा रहे हैं। बच्चों से भी पूछा जाता है कि उन्हें समझ में आ रहा है या नहीं। जब तक डाउट दूर नहीं होता, तब तक अगला टॉपिक शुरू नहीं करते।

ऑनलाइन कक्षा का तय हुआ समय
पहले ऑनलाइन पढ़ाई का समय निर्धारित नहीं था। 3 से लेकर 6 घंटे तक ऑनलाइन शिक्षा दी जाती थी, लेकिन हाल ही में शासन ने गाइड लाइन जारी कर ऑनलाइन कक्षाओं का समय निर्धारित कर दिया है। प्री-प्राइमरी के लिए मात्र 30 मिनट और कक्षा एक से 5वीं तक एक घंटा तथा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए डेढ़ घंटा समय तय किया गया है। अभिभावक भी अब तकरीबन संतुष्ट हैं।
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