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नत्थू की मौत पर प्रशासन का तमाशा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 06 May 2016 12:05 AM IST
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गुस का पुरवा में पुलिस की जीप के आगे लेटकर जीप रोकती मृतक नत्थू की विधवा मुन्नी
- फोटो : अमर उजाला
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मूंगुस का पुरवा (बांदा)। भूख से दलित नत्थू की मौत के पांचवें दिन उसके घर आए डीएम योगेश कुमार के सामने एक ग्रामीण ने मृतक नत्थू को गांजे का लती बताया तो बवाल हो गया। डीएम के जाते ही मृतक की विधवा और परिजन समेत गांव के लोग उस पर टूट पड़े।
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इस बीच मृतक नत्थू के भाई और पड़ोसी को उठाकर ले जा रही पुलिस की जीप के सामने मृतक की विधवा लेट गई। अन्य ग्रामीण भी सामने आ गए। पुलिस को दोनों को छोड़ना पड़ा। मृतक को गांजे का लती बताने वाले को पुलिस अपने साथ सुरक्षा की दृष्टि से ले गई।
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दलित नत्थू की मौत रविवार को हुई थी। तब से अब तक अधिकारियों में मात्र नरैनी एसडीएम उसके घर आए थे। उधर, मीडिया में लगातार खबरों के बाद मुख्य सचिव द्वारा डीएम से 24 घंटे में रिपोर्ट तलब करने और मुख्यमंत्री द्वारा मृतक के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक सहायता मंजूर कर देने के बाद डीएम योगेश कुमार बृहस्पतिवार को यहां आए।
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उन्होंने मृतक की विधवा मुन्नी, पुत्री गुड़िया, पुत्र दिलीप, संदीप, संजय और भाई आदि से बातचीत की। सभी ने डीएम को आर्थिक तंगी और नत्थू की मौत के बारे में बताया। डीएम ने मृतक के बड़े पुत्र को कहीं संविदा में नौकरी देने, लोहिया आवास देने का आश्वासन दिया। साथ ही एसडीएम नरैनी को 10 हजार रुपये देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा पांच लाख रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। बताया कि लखनऊ में मुख्यमंत्री चेक सौंपेंगे। डीएम ने ग्राम प्रधान को भी फटकारा।
डीएम के सामने ही गांव का छोटेलाल नामक व्यक्ति आया। उसने कहा कि मौत के समय नत्थू गांजा पिये हुए था। वह गांजे का लती भी था। मृतक के परिजनों ने इसका जमकर विरोध किया। विधवा ने आरोप लगाया कि एसडीएम और प्रधान के इशारे पर झूठा आरोप नत्थू पर लगाया गया है।
विधवा ने कहा कि उसके पति ने पूरे जीवन में कभी कोई नशा नहीं किया। उधर, डीएम के जाते ही मृतक की विधवा, बच्चे तथा गांव के लोग छोटेलाल पर टूट पड़े। उसकी पिटाई कर दी। कपड़े चिथड़ा कर दिए। इस बीच गिरवां थाने के प्रभारी विनोद शुक्ल फोर्स के साथ आ गए और छोटेलाल को भीड़ से बचा कर अपनी जीप में बैठा लिया। साथ ही पुलिस ने मृतक नत्थू के भाई और एक पड़ोसी को भी उठा लिया। इससे ग्रामीण और परिजन फिर भड़क गए।
पुलिस की जीप के सामने विधवा मुन्नी लेट गई। अन्य ग्रामीण भी सामने आ गए। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने मृतक के भाई और पड़ोसी को छोड़ दिया। छोटेलाल को लेकर पुलिस जीप रवाना हो गई। थानाध्यक्ष का कहना था कि छोटेलाल को सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ से हटाया गया।