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‘अम्मा! लौट आया हूं, जल्दी लिवा ले जाओ’
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बांदा। ‘अम्मा! लौट आया हूं। जल्दी से लिवा ले जाओ।’ पाकिस्तान के लाहौर जेल से 12 साल बाद रिहा हुए राम बहादुर ने फिर वीडियो कॉल में अपनी मां कुसुमा से रोकर मिन्नत की, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत इतनी बदतर है कि वे अपने पुत्र को लेने जाने के लिए मजबूर हैं।
15 साल पूर्व लापता हो गए रामबहादुर ने अपनी गुमशुदगी के 12 वर्ष पाकिस्तान की जेल में बिताए। लगातार दो दिनों से प्रशासन और पुलिस तथा स्थानीय खुफिया विभाग रामभवन की जानकारी और उसका ब्योरा जुटाने में लगे हैं। बुधवार को भी अमृतसर के अधिकारियों ने परिजनों से बात की। राम बहादुर की भी वीडियो कॉल में बात कराई। पुत्र रामबहादुर की हालत देखकर 65 वर्षीय पिता गिल्ला प्रजापति और वृद्ध मां कुसुमा की आंखें भर आईं। लिवा ले जाने के लिए बेटे की गुहार सुनकर पिता फफक पड़ा। मां भी देर तक रोती रही। बताया पाकिस्तान जेल में सताने से राम बहादुर वतन लौटने के बाद भी घबराया हुआ है।
प्रधानपति संतोष कुमार ने बताया कि राम बहादुर सेना की निगरानी में है और अस्पताल में उसका इलाज हो रहा है। गिल्ला प्रजापति की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। उसे लिवाने जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। न ही कोई मददगार अभी तक आगे आया है।
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छोटा भाई मैकू अनपढ़ होने से पाकिस्तान और सेना का नाम जुड़ने से भयभीत है। वह भी भाई राम बहादुर को लिवाने जाने से कतरा रहा है। यह भी बताया कि उसने अधिकारियों से राम बहादुर को लाने का अनुरोध किया था। जानकारी हुई कि अमृतसर के डीएम का पत्र आने के बाद यहां के अधिकारी अगली कार्रवाई करेंगे। फिलहाल अभी तक कोई पत्र यहां प्राप्त नहीं हुआ।
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15 साल पूर्व लापता हो गए रामबहादुर ने अपनी गुमशुदगी के 12 वर्ष पाकिस्तान की जेल में बिताए। लगातार दो दिनों से प्रशासन और पुलिस तथा स्थानीय खुफिया विभाग रामभवन की जानकारी और उसका ब्योरा जुटाने में लगे हैं। बुधवार को भी अमृतसर के अधिकारियों ने परिजनों से बात की। राम बहादुर की भी वीडियो कॉल में बात कराई। पुत्र रामबहादुर की हालत देखकर 65 वर्षीय पिता गिल्ला प्रजापति और वृद्ध मां कुसुमा की आंखें भर आईं। लिवा ले जाने के लिए बेटे की गुहार सुनकर पिता फफक पड़ा। मां भी देर तक रोती रही। बताया पाकिस्तान जेल में सताने से राम बहादुर वतन लौटने के बाद भी घबराया हुआ है।
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प्रधानपति संतोष कुमार ने बताया कि राम बहादुर सेना की निगरानी में है और अस्पताल में उसका इलाज हो रहा है। गिल्ला प्रजापति की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। उसे लिवाने जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। न ही कोई मददगार अभी तक आगे आया है।
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छोटा भाई मैकू अनपढ़ होने से पाकिस्तान और सेना का नाम जुड़ने से भयभीत है। वह भी भाई राम बहादुर को लिवाने जाने से कतरा रहा है। यह भी बताया कि उसने अधिकारियों से राम बहादुर को लाने का अनुरोध किया था। जानकारी हुई कि अमृतसर के डीएम का पत्र आने के बाद यहां के अधिकारी अगली कार्रवाई करेंगे। फिलहाल अभी तक कोई पत्र यहां प्राप्त नहीं हुआ।