फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Mining area, evacuation routes to be levied on the CCTV camera

खनन क्षेत्र, निकासी मार्गों पर लगाए जाएं सीसीटीवी कैमरे

Wed, 18 Feb 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 18 Feb 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
Mining area, evacuation routes to be levied on the CCTV camera

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध खनन पर अपना शिकंजा और कसते हुए आदेश दिया है कि खनन क्षेत्र और खनन निकासी वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। खनिज अधिकारी हफ्ते में एक बार और जिलाधिकारी महीने में एक बार खनन क्षेत्र का दौरा करके शासन को रिपोर्ट भेजें। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध खनन जारी है।

विज्ञापन


अवैध खनन के मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के तेवर भी सख्त हैं। अब ताजे मामले में इलाहाबाद में दायर की गई रिट संख्या-सी 68481/2014 (संगीता उपाध्याय बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण टंडन और हर्ष कुमार की डबल बेंच ने जारी किए आदेश में कहा है कि पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध खनन जारी है। लिहाजा हाईकोर्ट ने कई आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन


इनमें पहला आदेश यह है कि खनन क्षेत्र और खनन निकासी मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। कैमरे ऐसे हों जिसमें 30 दिन की रिकार्डिंग क्षमता हो।

हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि खनिज अधिकारी खनन क्षेत्र में हफ्ते में एक बार अवश्य निरीक्षण करें और अपनी रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करें कि जेसीबी मशीन का प्रयोग नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी को हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि महीने में एक बार खनन क्षेत्र का दौरा करके अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को भेजें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने उप जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेय और जिम्मेदार बनाया है कि उनके क्षेत्र में जेसीबी मशीन या अन्य मशीन खनन क्षेत्र में नहीं है। हाईकोर्ट ने खबरदार किया है कि कोई भी मशीन अवैध खनन में प्रयुक्त होते पाई गई तो एसडीएम व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध गंभीर कार्रवाई किया जाना संभव है।


यह भी कहा है कि सीमांकन पत्थर न हटाए जाएं। अवैध खनन से राज्य संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट की सुनवाई की दौरान उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह भी प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed