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एमडी की सात सीटें और बढ़ीं
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MD's seven seats increased
- फोटो : BANDA
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बांदा। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से मान्यता मिलते ही रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एमडी कोर्स की तैयारियां शुरू हो गईं। एमडी फोरेंसिक मेडिसिन में तीन और कम्यूनिटी मेडिसिन में चार सीटों पर प्रवेश दिया जा सकेगा। एनाटमी और फिजियोलॉजी में तीन-तीन सीटों की मान्यता दो माह पहले ही मिल चुकी है। काउंसलिंग के बाद चारों कोर्स में वर्ष 2021-22 का सत्र शुरू हो जाएगा।
एनएमसी और मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (मार्ब) के अध्यक्ष ने एमडी कोर्स की मान्यता से संबंधित तीन दिनों में दो अलग-अलग पत्र मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भेजे हैं। इसमें कहा है कि एमडी (फोरेंसिक मेडिसिन) की तीन और कम्यूनिटी मेडिसिन की चार सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
मान्यता हासिल होते ही पीजी कोर्स की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि एनाटमी और फिजियोलॉजी समेत अब यहां एमडी कोर्स की 13 सीटें हो गईं हैं। पूर्व में एनाटमी और फिजियोलॉजी पीजी कोर्स में प्रवेश की अनुमति मिली थी।
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प्राचार्य ने बताया कि पिछले वर्ष से पीजी कोर्स की मान्यता हासिल करने का प्रयास कर रहे थे। एनएमसी टीम के चार निरीक्षण के बाद यह संभव हो सका है। फोरेंसिक मेडिसिन पीजी कोर्स शुरू होने पर अब मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम भी हो सकेंगे। अभी बोर्ड के जरिये पोस्टमार्टम होते थे। इमर्जेंसी मेडिकल आफीसर का भी काम संभालेंगे।
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एनएमसी और मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (मार्ब) के अध्यक्ष ने एमडी कोर्स की मान्यता से संबंधित तीन दिनों में दो अलग-अलग पत्र मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भेजे हैं। इसमें कहा है कि एमडी (फोरेंसिक मेडिसिन) की तीन और कम्यूनिटी मेडिसिन की चार सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
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मान्यता हासिल होते ही पीजी कोर्स की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि एनाटमी और फिजियोलॉजी समेत अब यहां एमडी कोर्स की 13 सीटें हो गईं हैं। पूर्व में एनाटमी और फिजियोलॉजी पीजी कोर्स में प्रवेश की अनुमति मिली थी।
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प्राचार्य ने बताया कि पिछले वर्ष से पीजी कोर्स की मान्यता हासिल करने का प्रयास कर रहे थे। एनएमसी टीम के चार निरीक्षण के बाद यह संभव हो सका है। फोरेंसिक मेडिसिन पीजी कोर्स शुरू होने पर अब मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम भी हो सकेंगे। अभी बोर्ड के जरिये पोस्टमार्टम होते थे। इमर्जेंसी मेडिकल आफीसर का भी काम संभालेंगे।