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ममता दिवस मनाकर महिलाओं को दी पोषण की प्रेरणा
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ममता दिवस पर जागरुकता रैली निकालतीं आंगनबाड़ी।
- फोटो : BANDA
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पोषण माह के अंतर्गत सोमवार को ममता दिवस मनाया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में गोष्ठियां और जागरुकता रैलियां आयोजित कर गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और सफाई के प्रति जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी, सुपरवाइजर और एएनएम ने बच्चों का सामूहिक भोज किया।
डीएम हीरा लाल ने पोषण माह के तहत ऐसे आयोजनों के निर्देश दिए हैं। इसी श्रृंखला में ममता दिवस मनाया गया। महिलाओं को गर्भधारण से लेकर शिशु के दो वर्ष तक खानपान, टीकाकरण, सफाई, देखभाल आदि की जानकारियां दी गईं।
महिलाओं और बच्चों को पोषाहार वितरित हुआ। महिलाएं अपने घरों से पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन लाईं थीं। इन्हें बच्चों ने शौक से खाया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके बघेल ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर ममता दिवस, बचपन दिवस, किशोरी दिवस इत्यादि मनाए जाते हैं। इससे महिलाओं को घर छोड़कर बाहर निकलने का मौका मिलता है और बहुत सी जानकारियां हासिल होती हैं।
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उधर, बड़ोखर ब्लाक के त्रिवेणी गांव में आंगनबाड़ी प्रतिभा देवी के नेतृत्व में ममता दिवस मनाया गया। महिलाओं को सलाह दी कि अपने शिशु को छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं। इसके बाद ही ऊपरी आहार दें।
गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली नियमित रूप से लेने को कहा। गर्भवतियों की गोद भराई और छह माह के बच्चों का अन्नप्रासन्न भी कराया गया। गांव में टीकाकरण और कुपोषण की जागरुकता रैली निकाली गई।
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डीएम हीरा लाल ने पोषण माह के तहत ऐसे आयोजनों के निर्देश दिए हैं। इसी श्रृंखला में ममता दिवस मनाया गया। महिलाओं को गर्भधारण से लेकर शिशु के दो वर्ष तक खानपान, टीकाकरण, सफाई, देखभाल आदि की जानकारियां दी गईं।
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महिलाओं और बच्चों को पोषाहार वितरित हुआ। महिलाएं अपने घरों से पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन लाईं थीं। इन्हें बच्चों ने शौक से खाया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके बघेल ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर ममता दिवस, बचपन दिवस, किशोरी दिवस इत्यादि मनाए जाते हैं। इससे महिलाओं को घर छोड़कर बाहर निकलने का मौका मिलता है और बहुत सी जानकारियां हासिल होती हैं।
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उधर, बड़ोखर ब्लाक के त्रिवेणी गांव में आंगनबाड़ी प्रतिभा देवी के नेतृत्व में ममता दिवस मनाया गया। महिलाओं को सलाह दी कि अपने शिशु को छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं। इसके बाद ही ऊपरी आहार दें।
गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली नियमित रूप से लेने को कहा। गर्भवतियों की गोद भराई और छह माह के बच्चों का अन्नप्रासन्न भी कराया गया। गांव में टीकाकरण और कुपोषण की जागरुकता रैली निकाली गई।