बांदा। अश्विन मास में मनाया जाने वाला महालक्ष्मी पर्व गुरुवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। महिलाओं ने विशेष व्रत रखा और नदी, तालाब आदि में स्नान कर सूर्य देवता को अर्घ्य दिया। गज (हाथी) पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा की। मान्यता है कि इस पूजा से धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
राधाष्टमी के दिन से शुरू किया व्रत का भी पारण किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं नदी और तालाब पहुंचीं। बांदा शहर की केन नदी घाटों में महिलाओं का जमघट रहा। स्नान के बाद सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की।
कथा के बाद व्रत पारण होता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप हैं। इनमें धन, गज, धान्य, वीर, विजया, संतान और विद्यालक्ष्मी शामिल हैं। गांवों में भी तालाबों व नदियों में महिलाओं ने स्नान कर अर्घ्य देकर पूजा की।

शुचि करतीं महिलाएं।- फोटो : BANDA