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बारिश से पहले बालू, मौरंग का स्टॉक लगाने में जुटे माफिया
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बांदा। मानसून आने से पहले खनन माफिया बालू व मौरंग का स्टाक करने में जुटे हैं। खप्टिहा कलां के आस पास के कई क्षेत्र इससे अधिक प्रभावित हैं। शाम होते ही गिरवां क्षेत्र की सड़कों पर बालू- मौरंग लदे ट्रकों व डंपरों का आवागमन शुरू हो जाता है। बारिश के कारण 30 जून को खदानें बंद हो जाएंगी। इसके बाद तीन महीने बालू, मौरंग की डिमांड अधिक रहेगी।
जिले के भीतर गिरवां, अमलोर सांडी सहित क्षेत्र के कई जगहों पर बालू- मौरंग का अवैध खनन जारी है। अवैध खनन की शिकायतें मिलने पर 30 मई की देर शाम निदेशालय की टीम ने कनवारा, गलौली, अछरौड़, भवानीपुर, खादर चार और तीन के साथ खप्टिकलां खदानों में औचक छापेमारी की थी। यहां पर अवैध खनन मिलने पर कई मशीनों और वाहनों को सीज कर दिया था।
सरकार को 45 लाख हुआ नुकसान
निदेशालय की टीम को अवैध खनन मिलने पर जिलाधिकारी ने गलौली खदान संचालक को नोटिस जारी कर दिया है। यहां पर टीम को 5094 घन मीटर एरिया में अधिक बालू खनन होता मिला था। इससे सरकार को 45 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने नोटिस भेजकर कहा कि क्यों न आपकी की फर्म को काली सूची में डाल दिया जाए।
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जिले के भीतर गिरवां, अमलोर सांडी सहित क्षेत्र के कई जगहों पर बालू- मौरंग का अवैध खनन जारी है। अवैध खनन की शिकायतें मिलने पर 30 मई की देर शाम निदेशालय की टीम ने कनवारा, गलौली, अछरौड़, भवानीपुर, खादर चार और तीन के साथ खप्टिकलां खदानों में औचक छापेमारी की थी। यहां पर अवैध खनन मिलने पर कई मशीनों और वाहनों को सीज कर दिया था।
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सरकार को 45 लाख हुआ नुकसान
निदेशालय की टीम को अवैध खनन मिलने पर जिलाधिकारी ने गलौली खदान संचालक को नोटिस जारी कर दिया है। यहां पर टीम को 5094 घन मीटर एरिया में अधिक बालू खनन होता मिला था। इससे सरकार को 45 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने नोटिस भेजकर कहा कि क्यों न आपकी की फर्म को काली सूची में डाल दिया जाए।
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