{"_id":"607dca808ebc3e8d5621d7d2","slug":"maa-kalratri-ki-pooja-ko-umde-bhakt-banda-news-knp6243786186","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां के कालरात्रि स्वरूप को पूजने उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां के कालरात्रि स्वरूप को पूजने उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
बांदा/खत्रीपहाड़। नवरात्र के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने कालरात्रि देवी का पूजन-अर्चन किया। मंदिरों और घरों में कन्या भोज के आयोजन हुए। रविवार को लॉकडाउन होने से मंदिरों में नहीं पहुंच पाए श्रद्धालुओं की सोमवार को भीड़ उमड़ पड़ी।
महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई मंदिर में सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने मंदिरों और घरों में कन्या भोज कराए। बबेरू, तिंदवारी, अतर्रा में भी देवी मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजकों ने मंदिर में उसी को प्रवेश दिया जो मास्क लगाए था। मंदिर में पांच से अधिक कन्या भोज पर प्रतिबंध रहा। उधर, खत्री पहाड़ सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
पुजारी सुशील अवस्थी ने बताया कि मान्यता के अनुसार विंध्यवासिनी अष्ठमी को 24 घंटे के लिए नीचे से ऊपर पहाड़ में स्थित मंदिर में निवास बना लेती हैं। इसी कारण सोमवार को सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना आदि जिलों से हजारों श्रद्धालु देवी के दर्शनों को पहुंचे। तमाम लोगों ने बच्चों का मुंडन कराया। दुर्गा सप्तशती और शतचंडी यज्ञ चलते रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। पुरुष के साथ ही महिला कांस्टेबल की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई मंदिर में सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने मंदिरों और घरों में कन्या भोज कराए। बबेरू, तिंदवारी, अतर्रा में भी देवी मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजकों ने मंदिर में उसी को प्रवेश दिया जो मास्क लगाए था। मंदिर में पांच से अधिक कन्या भोज पर प्रतिबंध रहा। उधर, खत्री पहाड़ सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
विज्ञापन
पुजारी सुशील अवस्थी ने बताया कि मान्यता के अनुसार विंध्यवासिनी अष्ठमी को 24 घंटे के लिए नीचे से ऊपर पहाड़ में स्थित मंदिर में निवास बना लेती हैं। इसी कारण सोमवार को सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना आदि जिलों से हजारों श्रद्धालु देवी के दर्शनों को पहुंचे। तमाम लोगों ने बच्चों का मुंडन कराया। दुर्गा सप्तशती और शतचंडी यज्ञ चलते रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। पुरुष के साथ ही महिला कांस्टेबल की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन