{"_id":"5f9070e38ebc3e9ba1389023","slug":"lockout-in-colleges-to-protest-against-investigation-and-verification-banda-news-knp5898703164","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच और सत्यापन के विरोध में महाविद्यालयों में तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच और सत्यापन के विरोध में महाविद्यालयों में तालाबंदी
विज्ञापन
बांदा। शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति की जांच व सत्यापन के विरोध में स्ववित्त पोषित बीएड और डीएलएड महाविद्यालयों में तालाबंदी कर प्रबंधक हड़ताल पर चले गए हैं। डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा है कि प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति सत्यापन में गड़बड़ी हो रही है। शिक्षकों की योग्यता का सत्यापन कराया जाना अनुचित है। महाविद्यालयों को मान्यता एनसीटीई विधिवत परीक्षण के बाद देती है। सरकार को सत्यापन या मान्यता प्रत्याहरण का अधिकार नहीं है।
शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति सीधे छात्र के खाते में भेजी जाती है। महाविद्यालय केवल आवेदन को अग्रसारित करता है। यदि किसी महाविद्यालय ने जांच में तथ्य छुपाकर मान्यता ली है तो उसके लिए जांच अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसके लिए महाविद्यालय जिम्मेदार नहीं है।
विज्ञापन
पूर्व में भी इस तरह के जांच के आदेश किए गए थे जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। रतीभान सिंह, अनूप सिंह, अशोक मिश्रा, डा. प्रमोद शिवहरे, संजीव कुमार सिंह, अभिलाष श्रीवास्तव, डा.संतोष कुमार तिवारी, नंदलाल शुक्ला, दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र सिंह पटेल, सुरेंद्र सिंह, रवि प्रकाश, मोहनलाल कुशवाहा, विजय पांडेय, डा.एचक्यू हसन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा है कि प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति सत्यापन में गड़बड़ी हो रही है। शिक्षकों की योग्यता का सत्यापन कराया जाना अनुचित है। महाविद्यालयों को मान्यता एनसीटीई विधिवत परीक्षण के बाद देती है। सरकार को सत्यापन या मान्यता प्रत्याहरण का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति सीधे छात्र के खाते में भेजी जाती है। महाविद्यालय केवल आवेदन को अग्रसारित करता है। यदि किसी महाविद्यालय ने जांच में तथ्य छुपाकर मान्यता ली है तो उसके लिए जांच अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसके लिए महाविद्यालय जिम्मेदार नहीं है।
विज्ञापन
पूर्व में भी इस तरह के जांच के आदेश किए गए थे जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। रतीभान सिंह, अनूप सिंह, अशोक मिश्रा, डा. प्रमोद शिवहरे, संजीव कुमार सिंह, अभिलाष श्रीवास्तव, डा.संतोष कुमार तिवारी, नंदलाल शुक्ला, दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र सिंह पटेल, सुरेंद्र सिंह, रवि प्रकाश, मोहनलाल कुशवाहा, विजय पांडेय, डा.एचक्यू हसन आदि मौजूद रहे।