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बहन को बचा रहे भाई की हत्या में उम्रकैद
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बांदा। बहन को जबरन घर से उठा ले जा रहे दबंगों का विरोध करने पर भाई की गोली मारकर हत्या के जुर्म में आरोपी को अदालत ने उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह की और जेल होगी। अदालत का यह फैसला घटना के 10 साल से भी अधिक समय के बाद आया।
घटना के बारे में सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने बताया कि कमासिन थाना क्षेत्र के बाबू पुरवा निवासी सीमा देवी रैदास पत्नी प्रवीण उर्फ मंजू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जनवरी 2009 को घर में सोते समय तड़के उसकी ननद कुमारी बिन्ना (19) को गांव का राजू और उसका पिता निरंजन रैदास तथा इंद्रजीत पुत्र महादेव जबरन उठाने आ गए। निरंजन और इंद्रजीत दरवाजे पर रुक गए और राजू घर के अंदर आकर बिन्ना को जबरन उठाकर ले जाने लगा। तभी वहां सो रहे उसके पति (बिन्ना का भाई) प्रवीण रैदास (23) ने रोका तो राजू ने तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी और बिन्ना को उठा ले गए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के साथ ही कुमारी बिन्ना को भी अभियुक्त बनाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। चारों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गए। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। बुधवार को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने इसका फैसला सुनाते हुए आरोपी राजू रैदास को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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आर्म्स एक्ट में 3 साल की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माने की 75 फीसदी रकम मृतक के आश्रित को देने के आदेश दिए। दूसरे आरोपी इंद्रजीत को शस्त्र अधिनियम की धारा 30 में 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अन्य आरोपी सजा से बच गए। अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए।
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घटना के बारे में सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने बताया कि कमासिन थाना क्षेत्र के बाबू पुरवा निवासी सीमा देवी रैदास पत्नी प्रवीण उर्फ मंजू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जनवरी 2009 को घर में सोते समय तड़के उसकी ननद कुमारी बिन्ना (19) को गांव का राजू और उसका पिता निरंजन रैदास तथा इंद्रजीत पुत्र महादेव जबरन उठाने आ गए। निरंजन और इंद्रजीत दरवाजे पर रुक गए और राजू घर के अंदर आकर बिन्ना को जबरन उठाकर ले जाने लगा। तभी वहां सो रहे उसके पति (बिन्ना का भाई) प्रवीण रैदास (23) ने रोका तो राजू ने तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी और बिन्ना को उठा ले गए।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के साथ ही कुमारी बिन्ना को भी अभियुक्त बनाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। चारों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गए। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। बुधवार को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने इसका फैसला सुनाते हुए आरोपी राजू रैदास को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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आर्म्स एक्ट में 3 साल की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माने की 75 फीसदी रकम मृतक के आश्रित को देने के आदेश दिए। दूसरे आरोपी इंद्रजीत को शस्त्र अधिनियम की धारा 30 में 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अन्य आरोपी सजा से बच गए। अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए।