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वकील हड़ताल पर, वादकारी तारीख ले लौटे
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 27 Feb 2015 11:49 PM IST
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बार कौंसिल के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को
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अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। कौंसिल का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं
के लिए किए वादे पूरे नहीं किए। हड़ताल से अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं
हुए। वादकारी तारीखें लेकर लौट गए। मांगें पूरी न होने पर 3 मार्च से
हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी दी।
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष जागेश्वर यादव और महासचिव प्रयागदत्त अवस्थी ने संयुक्त हस्ताक्षरों से मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एडीएम को सौंपा। इस अवसर पर अन्य अधिवक्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि अधिवक्ताओं के इलाज के लिए अलग से कोष का गठन, अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन कर प्रदेश सरकार न्यासी को हर वर्ष 40 करोड़ का योगदान, पूर्णकालिक सचिव की नियुक्ति, बार कौंसिल अध्यक्ष को न्यासी समिति का सह अध्यक्ष बनाने, मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को न्यासी समिति से 5 लाख देने आदि की मांगे शामिल हैं।
अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि मांगे न नहीं मानी गई तो 3 मार्च को सभी अधिवक्ता हड़ताल पर रहकर धरना प्रर्दशन करेंगे और प्रदेश सरकार का पुतला फूंकेंगे।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार तहसील बार एसोसिएशन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष रमेश सिंह पंवार, मंत्री दिनेश सिंह पाल के नेतृत्व में रामखेलावन प्रजापति, रामशरण प्रजापति, चंद्र प्रकाश, लक्ष्मण बाबू, शिवशंकर सिंह, समरेंद्र शर्मा, शिव कुमार सिंह, हरीओम शंकर, दुर्जन प्रसाद, मोहम्मद हनीफ, वेदपाल, लालमन यादव, कृष्णकांत प्रजापति, सुनील कुमार, श्रीकांत, नरोत्तम सिंह, सुनील पांडेय आदि शामिल रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार बार एसोसिएशन अध्यक्ष छोटेलाल अवस्थी और संतोष सिंह के नेतृत्व में सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राजेश मिश्रा को दिया गया। हाल ही में अध्यक्ष पद पर जीते अमर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि अधिवक्ताओं के लिए की गई घोषणाएं पूरी नहीं हुई तो अधिवक्ता खामोश नहीं बैठेंगे।
अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारे भी लगाए। सुरेंद्र नाथ पांडेय, ब्रह्मदत्त शुक्ला, संजय श्रीवास्तव, रामनरेश गर्ग, महेंद्र कुमार दीक्षित, मनोज श्रीवास्तव, रामचंद्र कुशवाहा, राजेंद्र गुप्ता, सूरज वाजपेई, राजललन गर्ग, रामराम शुक्ल, हरीबाबू शुक्ल, भोला द्विवेदी, अनपत सैनी, राजेश द्विवेदी, अवनीश तिवारी, संतोष द्विवेदी आदि अधिवक्ता शामिल हैं।
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष जागेश्वर यादव और महासचिव प्रयागदत्त अवस्थी ने संयुक्त हस्ताक्षरों से मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एडीएम को सौंपा। इस अवसर पर अन्य अधिवक्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि अधिवक्ताओं के इलाज के लिए अलग से कोष का गठन, अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन कर प्रदेश सरकार न्यासी को हर वर्ष 40 करोड़ का योगदान, पूर्णकालिक सचिव की नियुक्ति, बार कौंसिल अध्यक्ष को न्यासी समिति का सह अध्यक्ष बनाने, मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को न्यासी समिति से 5 लाख देने आदि की मांगे शामिल हैं।
अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि मांगे न नहीं मानी गई तो 3 मार्च को सभी अधिवक्ता हड़ताल पर रहकर धरना प्रर्दशन करेंगे और प्रदेश सरकार का पुतला फूंकेंगे।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार तहसील बार एसोसिएशन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष रमेश सिंह पंवार, मंत्री दिनेश सिंह पाल के नेतृत्व में रामखेलावन प्रजापति, रामशरण प्रजापति, चंद्र प्रकाश, लक्ष्मण बाबू, शिवशंकर सिंह, समरेंद्र शर्मा, शिव कुमार सिंह, हरीओम शंकर, दुर्जन प्रसाद, मोहम्मद हनीफ, वेदपाल, लालमन यादव, कृष्णकांत प्रजापति, सुनील कुमार, श्रीकांत, नरोत्तम सिंह, सुनील पांडेय आदि शामिल रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार बार एसोसिएशन अध्यक्ष छोटेलाल अवस्थी और संतोष सिंह के नेतृत्व में सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राजेश मिश्रा को दिया गया। हाल ही में अध्यक्ष पद पर जीते अमर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि अधिवक्ताओं के लिए की गई घोषणाएं पूरी नहीं हुई तो अधिवक्ता खामोश नहीं बैठेंगे।
अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारे भी लगाए। सुरेंद्र नाथ पांडेय, ब्रह्मदत्त शुक्ला, संजय श्रीवास्तव, रामनरेश गर्ग, महेंद्र कुमार दीक्षित, मनोज श्रीवास्तव, रामचंद्र कुशवाहा, राजेंद्र गुप्ता, सूरज वाजपेई, राजललन गर्ग, रामराम शुक्ल, हरीबाबू शुक्ल, भोला द्विवेदी, अनपत सैनी, राजेश द्विवेदी, अवनीश तिवारी, संतोष द्विवेदी आदि अधिवक्ता शामिल हैं।