{"_id":"616b11daf203ed496a7340f0","slug":"jai-shree-ram-resonated-with-the-slaughter-of-ravana-banda-news-knp6585578158","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण वध के साथ गूंजा जय श्रीराम का जयघोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण वध के साथ गूंजा जय श्रीराम का जयघोष
विज्ञापन
Jai Shree Ram resonated with the slaughter of Ravana
- फोटो : BANDA
बांदा। शहर में चार दिनों तक परंपरागत दशहरा पर्व दूसरे दिन अलीगंज रामलीला परिसर में राम-रावण युद्ध का मंचन और पुतला दहन के साथ मनाया गया। रामलीला में रावण वध होते ही भगवान श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया।
शाम को अलीगंज, बाबूलाल चौराहा, छावनी, अतर्रा चुंगी चौकी, जिला परिषद आदि में दशहरा मनाया गया। एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं दी। उधर, पहले दिन (शुक्रवार) को प्रागीतालाब रामलीला में रावण वध के साथ मोहल्ला निम्नीपार, खुटला, छोटीबाजार, खिन्नीनाका, मढ़िया नाका आदि में दशहरा मनाया गया था। उधर, रविवार को छाबी तालाब में रावण वध होगा।
बबेरू संवाद के अनुसार औगासी रोड स्थित दशहरा मैदान में राम-रावण के युद्ध का मंचन हुआ। रावण वध के साथ प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया। जय श्रीराम के जयकारें गूंजते रहे। लोगों ने एक-दूसरे का मुंहमीठा कराकर दशहरे की बधाई दी।
विज्ञापन
अनुमति नहीं मिली तो नहीं हुई रामलीला
अतर्रा। रामलीला का मंचन नहीं हुआ। रामलीला कमेटी अध्यक्ष कालिका राय बताते हैं कि कस्बे में रामलीला का मंचन 1992 से अनवरत चल रहा है। 10 दिनों तक बाहरी व स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। इस वर्ष रामलीला की अनुमति न मिलने से रामलीला का मंचन नहीं हो सका। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि शायद यह अब तक के इतिहास में पहली बार हुआ है।
उधर, रामलीला का मंचन न होने व प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने से क्षेत्रीय लोगों में खासी नाराजगी है। स्वतंत्रता सेनानी नर्मदा प्रसाद का कहना है कि रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा होते थे। एक जमाने में नगर की पहचान रामलीला हुआ करती थी। रामलीला का मंचन बंद होने से अतर्रा की पहचान को खतरा उत्पन्न हो गया है।
रावण वध के साथ मनाया विजयदशमी पर्व
खत्री पहाड़। विंध्यवासिनी देवी का नौ दिवसीय विशाल मेला संपन्न हो गया। वहीं शुक्रवार को यहां रामलीला मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध हुआ। रावण वध के साथ कस्बे में विजय दशमी का पर्व मनाया गया। राम की देवेंद द्विवेदी राठ, सीता की अनुज मिश्रा बिहुनी, लक्ष्मण की रजनीश तिवारी कानपुर, हनुमान की प्रहलाद तिवारी गिरवां, रावण की भुमिका सीताशरण मनीपुर ने निभाई। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा, प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, आलोक तिवारी, मनोज मिश्रा, गोरेलाल गुप्ता, पुरुषोत्तम चौबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शाम को अलीगंज, बाबूलाल चौराहा, छावनी, अतर्रा चुंगी चौकी, जिला परिषद आदि में दशहरा मनाया गया। एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं दी। उधर, पहले दिन (शुक्रवार) को प्रागीतालाब रामलीला में रावण वध के साथ मोहल्ला निम्नीपार, खुटला, छोटीबाजार, खिन्नीनाका, मढ़िया नाका आदि में दशहरा मनाया गया था। उधर, रविवार को छाबी तालाब में रावण वध होगा।
विज्ञापन
बबेरू संवाद के अनुसार औगासी रोड स्थित दशहरा मैदान में राम-रावण के युद्ध का मंचन हुआ। रावण वध के साथ प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया। जय श्रीराम के जयकारें गूंजते रहे। लोगों ने एक-दूसरे का मुंहमीठा कराकर दशहरे की बधाई दी।
विज्ञापन
अनुमति नहीं मिली तो नहीं हुई रामलीला
अतर्रा। रामलीला का मंचन नहीं हुआ। रामलीला कमेटी अध्यक्ष कालिका राय बताते हैं कि कस्बे में रामलीला का मंचन 1992 से अनवरत चल रहा है। 10 दिनों तक बाहरी व स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। इस वर्ष रामलीला की अनुमति न मिलने से रामलीला का मंचन नहीं हो सका। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि शायद यह अब तक के इतिहास में पहली बार हुआ है।
उधर, रामलीला का मंचन न होने व प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने से क्षेत्रीय लोगों में खासी नाराजगी है। स्वतंत्रता सेनानी नर्मदा प्रसाद का कहना है कि रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा होते थे। एक जमाने में नगर की पहचान रामलीला हुआ करती थी। रामलीला का मंचन बंद होने से अतर्रा की पहचान को खतरा उत्पन्न हो गया है।
रावण वध के साथ मनाया विजयदशमी पर्व
खत्री पहाड़। विंध्यवासिनी देवी का नौ दिवसीय विशाल मेला संपन्न हो गया। वहीं शुक्रवार को यहां रामलीला मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध हुआ। रावण वध के साथ कस्बे में विजय दशमी का पर्व मनाया गया। राम की देवेंद द्विवेदी राठ, सीता की अनुज मिश्रा बिहुनी, लक्ष्मण की रजनीश तिवारी कानपुर, हनुमान की प्रहलाद तिवारी गिरवां, रावण की भुमिका सीताशरण मनीपुर ने निभाई। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा, प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, आलोक तिवारी, मनोज मिश्रा, गोरेलाल गुप्ता, पुरुषोत्तम चौबे आदि मौजूद रहे।