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Banda News: इंसुलेटर क्षतिग्रस्त, चार घंटे बिजली को तरसी ढाई लाख आबादी
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बांदा। जिले में गुरुवार की रात हुई बारिश के बाद शहर व ग्रामीण इलाकों की बिजली फिर बेपटरी हो गई। सुबह सात बजे जैसे ही पानी भरने का समय आया, बिजली गुल हो गई। लोग नलों के सामने बिजली का इंतजार करते रहे। पता चला कि एचटी लाइन में फाॅल्ट आ गया है। इसे तलाशने में कर्मचारियों को चार घंटे लग गए। बिजली न आने से लोग पानी को तरस गए। शहर की ढाई लाख की आबादी बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में बेहाल रही।
शासन ने शहर व ग्रामीण इलाकों की बिजली निर्धारित रोस्टर के अनुसार देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कर रही है, पर बिजली विभाग की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। शहर में करीब 40 करोड़ रुपये बिजली व्यवस्था पर खर्च हो चुके हैं, पर इसका कहीं असर नहीं दिख रहा है। गर्मी हो तो ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं और केबल पिघल रहे हैं। बारिश हो तो लाइनों में फाॅल्ट की भरमार हो जाती है। गुरुवार की रात तेज बारिश हुई तो गर्मी से राहत मिली,पर सुबह लोग जगे तो बिजली गुल रही। सुबह छह बजे पेयजल की आपूर्ति होती है। बिजली गुल होने से लोग परेशान हो गए।
अधिकारियों को फोन किया तो बताया गया कि एचटी लाइन में फाल्ट है। पीलीकोठी उप केंद्र से कर्मचारियों की चार टीमें फाल्ट तलाशने निकलीं, लेकिन उन्हें फाल्ट ढूढ़ने में चार घंटे लग गए। मेडिकल कॉलेज की एचटी लाइन में इंसुलेटर क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को चार घंटे बिना बिजली रहना पड़ा। करीब दस बजे यहां की बिजली बनाकर चालू की गई तो तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी उपकेंद्र से 33 केवी की मुख्य लाइन फेल हो गई। इससे पूरे शहर की बिजली चली गई। एक बजे बिजली चालू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।
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इसके बाद बारिश होने के कारण फिर महेश्वरी देवी फीडर, छोटी बाजार और टेलीफोन टावर फीडर में कई जगह फाल्ट आ गए। इससे इन तीनों फीडरों में घंटों काम होता रहा। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। इसी तरह कालूकुआं, सर्वोदय नगर, बिजली खेड़ा, तिंदवारी रोड, मंडी समिति में भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही। भूरागढ़ उपकेंद्र में पेड़ों की छंटाई का काम होने के कारण यहां छह घंटे से ज्यादा बिजली कटौती की गई। शहर में सुबह से शाम तक करीब 20 फाल्ट हुए और कर्मचारी इन्हें दुरुस्त करने में दौड़भाग करते रहे।
दिन भर रही उमस, शाम को झमाझम बारिश
जनपद में इन दिनों ने मानसूनी एक्सप्रेस रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। हालांकि मौसम विभाग लगातार तेज बारिश का अलर्ट जारी कर रहा है। शुक्रवार को सुबह से मौसम साफ रहा। तेज धूप भी दिन में निकली। इससे उमस भरी गर्मी में इजाफा हो गया। लोग पसीना-पसीना रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे अचानक मौसम बदला और काले घने बादलों में जमकर बारिश की। करीब एक घंटे की बारिश में मौसम ठंडा हो गया और उमस से राहत मिली। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि शुक्रवार को करीब 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में मौसम की आर्द्धता 80 प्रतिशत होने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है।
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शासन ने शहर व ग्रामीण इलाकों की बिजली निर्धारित रोस्टर के अनुसार देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कर रही है, पर बिजली विभाग की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। शहर में करीब 40 करोड़ रुपये बिजली व्यवस्था पर खर्च हो चुके हैं, पर इसका कहीं असर नहीं दिख रहा है। गर्मी हो तो ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं और केबल पिघल रहे हैं। बारिश हो तो लाइनों में फाॅल्ट की भरमार हो जाती है। गुरुवार की रात तेज बारिश हुई तो गर्मी से राहत मिली,पर सुबह लोग जगे तो बिजली गुल रही। सुबह छह बजे पेयजल की आपूर्ति होती है। बिजली गुल होने से लोग परेशान हो गए।
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अधिकारियों को फोन किया तो बताया गया कि एचटी लाइन में फाल्ट है। पीलीकोठी उप केंद्र से कर्मचारियों की चार टीमें फाल्ट तलाशने निकलीं, लेकिन उन्हें फाल्ट ढूढ़ने में चार घंटे लग गए। मेडिकल कॉलेज की एचटी लाइन में इंसुलेटर क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को चार घंटे बिना बिजली रहना पड़ा। करीब दस बजे यहां की बिजली बनाकर चालू की गई तो तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी उपकेंद्र से 33 केवी की मुख्य लाइन फेल हो गई। इससे पूरे शहर की बिजली चली गई। एक बजे बिजली चालू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।
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इसके बाद बारिश होने के कारण फिर महेश्वरी देवी फीडर, छोटी बाजार और टेलीफोन टावर फीडर में कई जगह फाल्ट आ गए। इससे इन तीनों फीडरों में घंटों काम होता रहा। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। इसी तरह कालूकुआं, सर्वोदय नगर, बिजली खेड़ा, तिंदवारी रोड, मंडी समिति में भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही। भूरागढ़ उपकेंद्र में पेड़ों की छंटाई का काम होने के कारण यहां छह घंटे से ज्यादा बिजली कटौती की गई। शहर में सुबह से शाम तक करीब 20 फाल्ट हुए और कर्मचारी इन्हें दुरुस्त करने में दौड़भाग करते रहे।
दिन भर रही उमस, शाम को झमाझम बारिश
जनपद में इन दिनों ने मानसूनी एक्सप्रेस रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। हालांकि मौसम विभाग लगातार तेज बारिश का अलर्ट जारी कर रहा है। शुक्रवार को सुबह से मौसम साफ रहा। तेज धूप भी दिन में निकली। इससे उमस भरी गर्मी में इजाफा हो गया। लोग पसीना-पसीना रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे अचानक मौसम बदला और काले घने बादलों में जमकर बारिश की। करीब एक घंटे की बारिश में मौसम ठंडा हो गया और उमस से राहत मिली। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि शुक्रवार को करीब 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में मौसम की आर्द्धता 80 प्रतिशत होने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है।