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Banda News: तालाब में डूबने से मासूम भाई-बहन की मौत
Tue, 10 Oct 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:00 AM IST
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बबेरू (बांदा)। कोतवाली क्षेत्र बगेहटा गांव के तेली तालाब में महबुलिया विसर्जन के दौरान मासूम भाई-बहन डूब गए। कई घंटे तक घर न लौटने पर बच्चों को खोजते रहे। तभी ग्रामीण को दोनों के शव तालाब में उतराते मिले।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी मान सिंह कोटार्य की बेटी अंकिता (10) व उसका भाई प्रियांशु (8) रक्षाबंधन के त्योहार पर बबेरू कोतवाली क्षेत्र के बगेहटा गांव निवासी अपने नाना रामसजीवन के घर आए थे। सोमवार की शाम पांच बजे शाम गांव के तेली तालाब में महबुलिया दाई की पूजा के बाद विसर्जन करने के लिए अंकिता अपनी सहेलियों के साथ गई थीं। बहन के साथ उसका छोटा भाई प्रियांशु भी गया था। विसर्जन के समय दोनों भाई-बहन तालाब के गहरे पानी में चले गए और डूबने गए। साथियों को इसका पता नहीं चला। सभी घर लौट आए। दोनों भाई बहन नहीं पहुंचे तो उनकी खोज शुरू हुई। इस बीच गांव का युवक अबरार तालाब की ओर से गुजरा तो भाई-बहन तालाब में उतराते मिले। उसने प्रधान को जानकारी दी। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला, तबतक उनकी मौत हो चुकी थी। पिता मानसिंह बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। प्रियांशु तीन बहनों में अकेला व सबसे छोटा था, जबकि अंकिता तीसरे नंबर की बेटी थी। हादसे के बाद मां माया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांदा भेजा है। सीओ बबेरू राकेश सिंह ने बताया कि तालाब में डूबने से दो भाई बहन की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बांदा भेजा गया है।
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कन्याएं करती हैं महबुलिया दाई की पूजा और फिर विसर्जन
-बुंदेलखंड में महबुलिया दाई पूजा की एक अनूठी परंपरा है। बताते हैं कि कुंवारी बेटियां यह पूजा करती हैं। पितृ पक्ष के दौरान 15 दिन महबुलिया दाई का विसर्जन किया जाता है। इसमें बच्चे भाग लेते हैं और इस दौरान उनमें उत्साह भी रहता है। कांटेदार झाड़ी लगाकर उसमें रंग बिरंग फूल सजाते हैं, उसके बाद महबुलिया दाई के गीत गाते हुए उसे तालाब में विसर्जित करने जाते हैं। क्षेत्र के बड़े बताते हैं कि पितृ पक्ष में बच्चों के द्वारा देवी को श्रद्धांजलि भी बोलते हैं।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी मान सिंह कोटार्य की बेटी अंकिता (10) व उसका भाई प्रियांशु (8) रक्षाबंधन के त्योहार पर बबेरू कोतवाली क्षेत्र के बगेहटा गांव निवासी अपने नाना रामसजीवन के घर आए थे। सोमवार की शाम पांच बजे शाम गांव के तेली तालाब में महबुलिया दाई की पूजा के बाद विसर्जन करने के लिए अंकिता अपनी सहेलियों के साथ गई थीं। बहन के साथ उसका छोटा भाई प्रियांशु भी गया था। विसर्जन के समय दोनों भाई-बहन तालाब के गहरे पानी में चले गए और डूबने गए। साथियों को इसका पता नहीं चला। सभी घर लौट आए। दोनों भाई बहन नहीं पहुंचे तो उनकी खोज शुरू हुई। इस बीच गांव का युवक अबरार तालाब की ओर से गुजरा तो भाई-बहन तालाब में उतराते मिले। उसने प्रधान को जानकारी दी। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला, तबतक उनकी मौत हो चुकी थी। पिता मानसिंह बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। प्रियांशु तीन बहनों में अकेला व सबसे छोटा था, जबकि अंकिता तीसरे नंबर की बेटी थी। हादसे के बाद मां माया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांदा भेजा है। सीओ बबेरू राकेश सिंह ने बताया कि तालाब में डूबने से दो भाई बहन की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बांदा भेजा गया है।
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कन्याएं करती हैं महबुलिया दाई की पूजा और फिर विसर्जन
-बुंदेलखंड में महबुलिया दाई पूजा की एक अनूठी परंपरा है। बताते हैं कि कुंवारी बेटियां यह पूजा करती हैं। पितृ पक्ष के दौरान 15 दिन महबुलिया दाई का विसर्जन किया जाता है। इसमें बच्चे भाग लेते हैं और इस दौरान उनमें उत्साह भी रहता है। कांटेदार झाड़ी लगाकर उसमें रंग बिरंग फूल सजाते हैं, उसके बाद महबुलिया दाई के गीत गाते हुए उसे तालाब में विसर्जित करने जाते हैं। क्षेत्र के बड़े बताते हैं कि पितृ पक्ष में बच्चों के द्वारा देवी को श्रद्धांजलि भी बोलते हैं।
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