फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Influenza... Preparation in paper, don't be cheated by ventilator

Banda News: इन्फ्लूएंजा... कागजों में तैयारी, कहीं धोखा न दे जाएं वेंटीलेटर

Sat, 25 Mar 2023 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Mar 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
Influenza... Preparation in paper, don't be cheated by ventilator
बांदा। इन्फ्लूएंजा (फ्लू) से निपटने के इंतजाम मुकम्मल नहीं हैं, सिर्फ कागजों में तैयारियां नजर आ रही हैं। तैयारियों के नाम पर मेडिकल काॅलेज में 50 और जिला अस्पताल में सिर्फ 10 बेड लगाए गए हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा अन्य सुविधाएं कागजों पर हैं। वेंटीलेटर तो हैं पर जरूरत पड़ने पर कितने कारगर रहेंगे, इसकी असलियत एक अप्रैल के बाद होने वाली टेस्टिंग में सामने आएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तैयारियां पूरी हैं। दूसरी तरफ बुखार के मरीजों की जांच के नाम पर डॉक्टर सिर्फ सीबीसी व प्लेटलेट्स आदि की ही जांच करा रहे हैं। रोजाना 100-120 मरीजों की जांच हो रही है।
विज्ञापन

जिले की आबादी लगभग 20 लाख है। इन्फ्लूएंजा की जांच की जिले में कोई व्यवस्था नहीं है। रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज और जिला अस्पताल में संदिग्ध मरीज की सिर्फ सैंपल लेने की सुविधा है। यहां से अब तक पांच नमूने जांच के लिए केजीएमयू, लखनऊ भेजे गए हैं। एक को छोड़कर अन्य की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लखनऊ के कंटेनमेंट जोन से यहां आए 32 वर्षीय युवक की पहचान कर उसका नमूना जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। अभी चार की रिपोर्ट आना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। शनिवार को मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में करीब 1078 और जिला अस्पताल में 1217 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें करीब 30 फीसदी यानी 300 से 350 मरीज खांसी और बुखार के थे। इन्फ्लूएंजा के बढ़ते खतरे को लेकर लोग खुद अपनी जांच कराने को परेशान हैं, लेकिन डाक्टर सिर्फ सीबीसी और प्लेटलेट्स आदि जांच कराकर मरीजों को दवा दे रहे हैं।

इन्फ्लूएंजा बीमारी के लक्षण
-सिर दर्द के साथ उल्टी-दस्त होना।
-बुखार के साथ ठंड का एहसास होना।
-खांसी व मांसपेशियों में दर्द रहना।
-नाक व गले में खरास के साथ थकान लगना।
-खांसी का जल्दी ठीक न होना।

बचाव
- नाक और मुंह छूने से बचें।
- खांसते व छींकते समय मुंह ढककर रखें।
- तरल पदार्थ का सेवन ज्यादा करें।
- सुबह गर्म पानी पीएं और हाथ को अच्छे ढंग से धोएं।
- बुखार व खांसी आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
- लक्षण प्रतीत होने पर जांच जरूर कराएं।
- घर के अन्य सदस्यों से दूर रहें।
- दवा का सेवन नियमित करें।
---------
चार्ट
ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीज दिनांक
तिथि मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल
20 मार्च 832 978
21 मार्च 856 1040
22 मार्च 878 1120
23 मार्च 953 1179
24 मार्च 1021 1158
25 मार्च 1078 1217

इनसेट
मौसम का असर, लगातार बढ़ रहे रोगी
रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. शैलेंद्र कुमार यादव ने बताया कि करीब एक सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-खांसी और बुखार के आ रहे हैं। मौसम के बदलाव के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दवा के साथ खान-पान का ख्याल रखना भी जरूरी है।


वर्जन
इन्फ्लूएंजा वायरस से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं। वेंटीलेटर और ऑक्सीजन प्लांट आदि सभी चालू हालत में हैं। पहली अप्रैल के बाद मॉकड्रिल होगी। तभी फिर सबकी पुन: टेस्टिंग की जाएगी। जो कमियां होंगी उन्हें तुरंत दूर कराया जाएगा। फिलहाल जिले में इन्फ्लूएंजा वायरस लक्षण का कोई मरीज सामने नहीं आया है। -डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed