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सन 1874 के जर्जर भवन में 1764 छात्रों की जोखिम में जान
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In the dilapidated building of 1874, the lives of 1764 students were at risk.
- फोटो : BANDA
बांदा। डेढ़ सौ साल पुराने जर्जर भवन में 1764 छात्र जोखिम भरी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। वर्ष 1874 में बने जीआईसी भवन को मरम्मत और रखरखाव के लिए बजट के लाले पड़े हैं। उधर, आईएएस और आईपीएस देने वाले कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था भी चरमराई है। कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है।
मंडल मुख्यालय में प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों के आवासों के नजदीक राजकीय इंटर कॉलेज स्थित है। इसकी अपनी एक अलग पहचान हुआ करती थी। शिक्षा की गुणवत्ता ऐसी थी कि यहां से शिक्षित हुए छात्र केंद्र और राज्यस्तरीय पदों तक पहुंचे, लेकिन अब यह कॉलेज अनदेखी का शिकार हो रहा है। मेंटेनेंस के अभाव में शानदार बिल्डिंग जर्जर होती जा रही है। छात्रावास पहले ही ध्वस्त हो चुका है।
आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल द्वारा मांगी गई सूचना में प्रधानाचार्य धर्मराज ने बताया है कि यह कॉलेज लगभग 150 वर्ष पुराना है। सन 1874 में निर्मित हुआ था। पिछले दो वर्षों से जीर्णशीर्ण अवस्था में है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है। नवनिर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने दो माह पहले सर्वेक्षण किया था। विद्यालय में कुल 1764 छात्र अध्ययनरत हैं।
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महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता पद खाली
बांदा। मंडल मुख्यालय के जीआईसी में गणित, रसायन विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। प्रवक्ता कुल 18 पदों में 9 रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 6 पद खाली हैं। 22 कार्यरत हैं। परिचारक के 3 और दफ्तरी का एक पद भी रिक्त पड़ा हुआ है।
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मंडल मुख्यालय में प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों के आवासों के नजदीक राजकीय इंटर कॉलेज स्थित है। इसकी अपनी एक अलग पहचान हुआ करती थी। शिक्षा की गुणवत्ता ऐसी थी कि यहां से शिक्षित हुए छात्र केंद्र और राज्यस्तरीय पदों तक पहुंचे, लेकिन अब यह कॉलेज अनदेखी का शिकार हो रहा है। मेंटेनेंस के अभाव में शानदार बिल्डिंग जर्जर होती जा रही है। छात्रावास पहले ही ध्वस्त हो चुका है।
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आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल द्वारा मांगी गई सूचना में प्रधानाचार्य धर्मराज ने बताया है कि यह कॉलेज लगभग 150 वर्ष पुराना है। सन 1874 में निर्मित हुआ था। पिछले दो वर्षों से जीर्णशीर्ण अवस्था में है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है। नवनिर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने दो माह पहले सर्वेक्षण किया था। विद्यालय में कुल 1764 छात्र अध्ययनरत हैं।
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महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता पद खाली
बांदा। मंडल मुख्यालय के जीआईसी में गणित, रसायन विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। प्रवक्ता कुल 18 पदों में 9 रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 6 पद खाली हैं। 22 कार्यरत हैं। परिचारक के 3 और दफ्तरी का एक पद भी रिक्त पड़ा हुआ है।