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भाड़ा न मिलने पर भड़के कोटेदार
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 29 May 2016 12:42 AM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कोटेदार।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। बबेरू क्षेत्र के कोटेदारों ने आरोप लगाया है कि समाजवादी सूखा राहत पैकेट में उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। 30 से 60 रुपये तक प्रति पैकेट भाड़ा उन्हें जेब से देना पड़ रहा है, जबकि यह काम ठेकेदार का है। इसी तरह मिड-डे मील की ढुलाई का भाड़ा भी नहीं दिया गया।
शनिवार को कोटेदारों ने फेयर प्राइज शॉप डीलर एसोसिएशन (बबेरू ब्लाक) के बैनर तले यहां कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर कहा कि अगले माह जून में भी उन्हें चयनित राशन कार्डों पर मुफ्त राशन देने का आरोप दिया गया है। इसमें जो 70 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता था, अब वह कैसे मिलेगा? गोदाम से दुकान तक राशन लाने का भाड़ा 35 से 50 रुपये प्रति क्विंटल उन्हें अपने पास से देना पड़ रहा है, जबकि शासन ने डोर स्टेप डिलेवरी के तहत अनाज कोटे तक पहुंचाने का आदेश दे रखा है।
इसी तरह मिड-डे मील का राशन भी कई सालों से अपने भाड़े पर ला रहे हैं। शासन द्वारा दिया गया भाड़ा बेहद कम है, लेकिन वह भी विपणन निरीक्षक ने नहीं दिया है। ज्ञापन देने वालों में रामलखन यादव, कमलाकांत द्विवेदी, रज्जन खां, बच्छराम सिंह सहित तमाम कोटेदार शामिल रहे।
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शनिवार को कोटेदारों ने फेयर प्राइज शॉप डीलर एसोसिएशन (बबेरू ब्लाक) के बैनर तले यहां कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर कहा कि अगले माह जून में भी उन्हें चयनित राशन कार्डों पर मुफ्त राशन देने का आरोप दिया गया है। इसमें जो 70 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता था, अब वह कैसे मिलेगा? गोदाम से दुकान तक राशन लाने का भाड़ा 35 से 50 रुपये प्रति क्विंटल उन्हें अपने पास से देना पड़ रहा है, जबकि शासन ने डोर स्टेप डिलेवरी के तहत अनाज कोटे तक पहुंचाने का आदेश दे रखा है।
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इसी तरह मिड-डे मील का राशन भी कई सालों से अपने भाड़े पर ला रहे हैं। शासन द्वारा दिया गया भाड़ा बेहद कम है, लेकिन वह भी विपणन निरीक्षक ने नहीं दिया है। ज्ञापन देने वालों में रामलखन यादव, कमलाकांत द्विवेदी, रज्जन खां, बच्छराम सिंह सहित तमाम कोटेदार शामिल रहे।
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