फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   'Honorable' merciful, how did MP stop sand's sluggishness

‘माननीय’ मेहरबान, कैसे रुके एमपी से बालू की ढुलान

Thu, 16 Sep 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:21 PM IST
विज्ञापन
'Honorable' merciful, how did MP stop sand's sluggishness
'Honorable' merciful, how did MP stop sand's sluggishness - फोटो : BANDA
बांदा। जब ‘माननीय’ ही मेहरबान हैं, तो कैसे रुके एमपी से बालू की ढुलाई ? सीमावर्ती मध्यप्रदेश की खदानों और खनन माफिया से तार जोड़ने का खामियाजा जिले के एक पुलिस अफसर ने भुगत लिया, पर लोग कह रहे हैं कि एमपी की खदानों से अप्रत्यक्ष रूप में जुड़े चित्रकूटधाम मंडल के ‘माननीयों’ पर शिकंजा कब कसेगा? खनन से लेकर ओवरलोड ट्रकों की राह आसान करने तक में ऐसे रसूख वाले शामिल हैं।
विज्ञापन

बांदा की सरहद से जुड़े एमपी के पन्ना, सतना, छतरपुर आदि जिलों में केन नदी से बड़े पैमाने पर वैध और अवैध खनन लंबे अरसे से हो रहा है। अनुमान है कि हर रोज एक हजार ट्रक इन खदानों से बालू लेकर यूपी समेत कई राज्यों में जाते हैं। अधिकांश ओवरलोड होते हैं। इस खनिज से एमपी सरकार और वहां के पट्टाधारकों का खजाना खूब भर रहा है, लेकिन सड़कें यूपी की टूट रहीं हैं। खास बात यह है कि एमपी की खदानों में यूपी और विशेषकर चित्रकूट मंडल के कुछ माननीय भी अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदार हैं। खदानों में शेयर के अलावा यहां से ट्रकों के गुजरने की राह भी वे आसान करते हैं।
विज्ञापन

एमपी से आने वाले बालू के ट्रकों को बांदा जिले से गुजारने के लिए वहां के बालू माफिया और कारोबारियों से मिलीभगत के आरोप में यहां के अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान को शासन ने निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में साफ लिखा है कि एसटीएफ द्वारा की गई जांच में यह बात उजागर हुई कि एमपी के बालू ट्रकों को यूपी की सीमा (बांदा) में दाखिल कराने और यहां से उन्हें पास करवाने में एएसपी के तार जुड़े पाए गए । एमपी के माफिया से एएसपी की फोन पर हुई बात भी आरोप का हिस्सा है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि महेंद्र सिंह चौहान ने जिले में पूरे मनोयोग से अवैध खनन व परिवहन करने वाले माफिया पर कार्रवाई कराई होती तो यह गंभीर तथ्य सामने न आते।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियमावली में बाहुबली भारी
सत्ता किसी की भी हो, बुंदेलखंड में बालू खदानों पर पावर और पैसा हमेशा हावी रहा। खनन की नियमावली में बाहुबली भारी पड़ते रहे हैं। अभी भी हालात यही हैं। पूर्व की सरकारों में तत्कालीन माननीय और नेताओं की निगाहें भी बालू खदानों पर टिकी रहतीं थीं।
करोड़ों की कमाई, चुनाव में लगाई
पिछले करीब दो दशक से बुंदेलखंड में बालू कई नेताओं की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गई। सत्ता का जलवा जमकर चला। रातों-रात लखपति और एक सीजन में करोड़पति बन गए। कीमती लग्जरी वाहन खरीद लिए। आलीशान बंगले और कोठियां बन गईं। बांदा में इसकी कई बानगी हैं। खनिज का खजाना खर्च करके टिकट भी लिया और चुनाव लड़ा। कई जीते, कुछ हारे। माननीय बनने के बाद भी खदान का चस्का नहीं छूटा। मंडल में कई जगह यह चल रहा है।
‘एसपी’ के चक्कर में नपे एएसपी
एमपी के खनन माफिया एसपी (सिंह) के चक्कर में आकर एएसपी नप गए। निलंबन के अलावा एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी हो रही है। शासन द्वारा जारी निलंबन आदेश में अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन), उत्तर प्रदेश से कहा गया है कि महेंद्र सिंह चौहान के विरुद्ध लागू की गई विभागीय कार्रवाई में आरोप पत्र का प्रारूप मय साक्ष्य मेमो सहित एक सप्ताह के अंदर शासन को उपलब्ध कराएं।
सीएम के तेवर, निदेशक के छापे बेअसर
पर्दे के पीछे से सत्तानशीनों और रसूख वालों की लंबे अरसे से चल रहीं खदानों की अंधेरगर्दी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर और तेज तर्रार कही जाने वाली आईएएस अधिकारी खनिज निदेशक डॉ. रोशन जैकब भी नहीं रोक पाईं। जुर्माने, मुकदमे, पट्टों का निरस्तीकरण व निलंबन, ओवरलोड वाहन सीज की कार्रवाइयों से बेखौफ बालू माफिया और कारोबारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। जितना जुर्माना आदि भुगता उसकी भरपाई अवैध खनन और तेजी लाकर कर दी।

पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने बांदा कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक में यहां के अवैध खनन में नाराजगी जताते हुए जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके 3 दिन बाद ही खनिज विभाग की टीम आ गई। नरैनी क्षेत्र में लहुरेहटा व बिल्हरका और बांदा सदर तहसील क्षेत्र में कनवारा, मरौली खादर, दुरेड़ी तथा पैलानी तहसील में बेंदा और जौहरपुर खदानों की जांच की। जितनी जोर-शोर से जांच हुई कार्रवाई उन तेवरों पर नहीं हुई। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एनजीटी में भी कई सख्त आदेश और कार्रवाइयां की हैं। इनका भी ज्यादा समय तक कोई असर नहीं रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed