बांदा और चित्रकूट में दो किसानों का हार्ट फेल
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नरैनी। कर्ज के बोझ और पैदावार कम होने की वजह से बांदा और चित्रकूट में दो किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इससे दोनों के परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। एसडीएम ने नियमानुसार मुआवजा दिललाने का आश्वासन दिया है। बांदा की नरैनी तहसील क्षेत्र के पनगरा गांव निवासी दिलीप कुमार अवस्थी (50) पुत्र बाबूलाल शनिवार को देर शाम अपने खेत गया था। रात को खेत में ही उसे दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। उसकी मां राजाबाई व मौसी कलावती ने उसे खेत में पड़ा देखा। मां ने बताया कि दिलीप के हिस्से में छह बीघा जमीन है। तीन बीघा गेहूं की फसल की थ्रेसिंग कराई थी। इसमें मात्र डेढ़ क्विंटल अनाज निकला। तभी से वह तनाव में था।
छोटे भाई विद्याधर ने बताया कि दिलीप ने तीन साल पहले इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से डेढ़ लाख रुपये कर्ज ले रखा था। अदायगी न होने से ब्याज समेत कर्ज बढ़कर दो लाख से ज्यादा हो गया। सिंचाई व खाद-बीज के लिए पड़ोसियों से भी कर्ज ले लिया था। पिछले वर्ष मां के पैर के इलाज के लिए एक लाख रुपये साहूकारों से ब्याज पर ऋण लिया था। छह माह पहले पुत्री की शादी के लिए एक लाख रुपये कर्ज लेना पड़ा। सब मिलाकर लगभग उस पर पांच लाख का कर्ज था। एसडीएम महेंद्र सिंह का कहना है कि घटना की जांच कराएंगे। नियम के मुताबिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उधर, चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र के चौरा निवासी छंगू प्रसाद (48) शनिवार की शाम गेहूं की फसल काटने खेत पहुंचे। थोड़ी देर बाद वह अचानक बेहोश होकर गिर गए। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। उसकी पत्नी रज्जी देवी ने बताया कि फसल खराब होने की चर्चा के बाद वह बेहोश हो गए। इलाहाबाद बैंक से 50 हजार का किसान क्रेडिट कार्ड भी बना है। खराब फसल का सदमा लगने से उनकी मौत हुई। उनके नाम छह बीघे जमीन है। उनके तीन पुत्र एक पुत्री है। पुलिस ने रविवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजापुर एसडीएम सीपी उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण पता चलेगा। फिलहाल किसान के घर की जानकारी लेने के लिए लेखपाल को भेजा गया है।