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बांदा: तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से गुमटी तहस नहस, एक बालक की मौत, सात घायल
Sun, 19 Feb 2023 11:00 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:00 PM IST
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डंपर की टक्कर से गुमटी तहस नहस, बालक की मौत, सात घायल
- नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव में हुआ हादसा
- चार गंभीर बालकों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
- चार घंटे बाधित रहा प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
नरैनी। तेज रफ्तार डंपर एक पान की गुमटी में टक्कर मारते हुए 20 फिट घिसटते हुए नाले में घुस गया। हादसे में एक मासूम की मौके पर मौत हो गई। जबकि चार बच्चे गंभीर घायल हो गए। घायल चारों बच्चों को नरैनी सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम चार घंटे तक लगा रहा। सूचना पर पहुंचे एडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
पड़मई गांव में रामसजीवन (50) अपने घर के बाहर पान गुटखा की गुमटी रखे है। रविवार दोपहर करीब एक बजे अतर्रा की ओर से आए 18 चक्का डंपर उनकी गुमटी में घुस गया। वह गुमटी को घसीटता हुआ करीब 20 फिट तक ले गया। गुमटी के अंदर हादसे के समय रामसजीवन के अलावा उनका नाती अरमान (3) पुत्र विकास, बक्कू (10) पुत्र अवध बिहारी, रिहान (4) पुत्र शिवमंगल, मनीषा (3) पुत्री जग प्रसाद थे। इनके अलावा गुमटी में पड़ोस के मनप्यारे के बच्चे खुशबू (9), अमर (3), छोटकू उर्फ महेंद्र (3) बाहर खड़े थे। हादसे में बक्कू की डंपर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। वहां से खुशबू, अमर, छोटकू और राज को डॉक्टर दिनेश राजपूत ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य को मामूली चोट आई हैं। घटना से आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया। सूचना पर बांदा, गिरवां, अतर्रा, करतल, कालिंजर, बदौसा, बिंसडा, नरैनी का फोर्स मौके पर पहुंचा।
नरैनी कोतवाल मनोज शुक्ल ने बताया कि रामसजीवन की तहरीर पर डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसे पकड़ लिया गया है, वह नशे है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है। बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग चार घंटे तक रहा ठप
नरैनी। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने प्रयागराज-खजुराहो मार्ग पर ईंट, पत्थर और लकड़ी रखकर जाम लगा दिया। मौके पर विधायक ओममणि वर्मा, एसडीएम रजत वर्मा, सीओ नितिन कुमार पहुंच गए। आक्रोशित लोगों को समझा कर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
गांव के लोगों का कहना था कि जब दिन में निकलने वाले बालू से भरे ट्रकों पर नो इंट्री नहीं लगाई जाएगी तब तक यह जाम नहीं खुलेगा। इस अधिकारियों ने जिले के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना पर अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी और अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र पहुंच गए। उन्होंने गांव के लोगों को समझा कर ढांढस बंधाया। मृतक के परिवार के माता-पिता के नाम ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर दो बीघे का पट्टा दिए जाने, घायल बच्चों का इलाज कराने की जिम्मेदारी ली। तब जाकर चार घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।इस दौरान दोनों तरफ से वाहनों की लंबी लाइन लगी होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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गुमटी में फंसा रहा अरमान
नरैनी। बाबा रामसजीवन के साथ गुमटी में बैठा अरमान (3) गुमटी के अंदर फंस गया था। डंपर की टक्कर से रामसजीवन काफी दूर गिरा था। हादसे के बाद पड़ोसी उसे तलाश कर रहे थे। तो वह गुमटी में दिखा। पड़ोसियों ने उसे गुमटी तोड़कर बाहर निकाला। दरवाजे में खेल रही मनीषा (3) को उसकी बुआ चंदनिया ने डंपर की तेज आवाज सुनकर खींचकर बचाया था।
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- नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव में हुआ हादसा
- चार गंभीर बालकों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
- चार घंटे बाधित रहा प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
नरैनी। तेज रफ्तार डंपर एक पान की गुमटी में टक्कर मारते हुए 20 फिट घिसटते हुए नाले में घुस गया। हादसे में एक मासूम की मौके पर मौत हो गई। जबकि चार बच्चे गंभीर घायल हो गए। घायल चारों बच्चों को नरैनी सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम चार घंटे तक लगा रहा। सूचना पर पहुंचे एडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
पड़मई गांव में रामसजीवन (50) अपने घर के बाहर पान गुटखा की गुमटी रखे है। रविवार दोपहर करीब एक बजे अतर्रा की ओर से आए 18 चक्का डंपर उनकी गुमटी में घुस गया। वह गुमटी को घसीटता हुआ करीब 20 फिट तक ले गया। गुमटी के अंदर हादसे के समय रामसजीवन के अलावा उनका नाती अरमान (3) पुत्र विकास, बक्कू (10) पुत्र अवध बिहारी, रिहान (4) पुत्र शिवमंगल, मनीषा (3) पुत्री जग प्रसाद थे। इनके अलावा गुमटी में पड़ोस के मनप्यारे के बच्चे खुशबू (9), अमर (3), छोटकू उर्फ महेंद्र (3) बाहर खड़े थे। हादसे में बक्कू की डंपर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। वहां से खुशबू, अमर, छोटकू और राज को डॉक्टर दिनेश राजपूत ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य को मामूली चोट आई हैं। घटना से आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया। सूचना पर बांदा, गिरवां, अतर्रा, करतल, कालिंजर, बदौसा, बिंसडा, नरैनी का फोर्स मौके पर पहुंचा।
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नरैनी कोतवाल मनोज शुक्ल ने बताया कि रामसजीवन की तहरीर पर डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसे पकड़ लिया गया है, वह नशे है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है। बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग चार घंटे तक रहा ठप
नरैनी। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने प्रयागराज-खजुराहो मार्ग पर ईंट, पत्थर और लकड़ी रखकर जाम लगा दिया। मौके पर विधायक ओममणि वर्मा, एसडीएम रजत वर्मा, सीओ नितिन कुमार पहुंच गए। आक्रोशित लोगों को समझा कर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
गांव के लोगों का कहना था कि जब दिन में निकलने वाले बालू से भरे ट्रकों पर नो इंट्री नहीं लगाई जाएगी तब तक यह जाम नहीं खुलेगा। इस अधिकारियों ने जिले के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना पर अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी और अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र पहुंच गए। उन्होंने गांव के लोगों को समझा कर ढांढस बंधाया। मृतक के परिवार के माता-पिता के नाम ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर दो बीघे का पट्टा दिए जाने, घायल बच्चों का इलाज कराने की जिम्मेदारी ली। तब जाकर चार घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।इस दौरान दोनों तरफ से वाहनों की लंबी लाइन लगी होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गुमटी में फंसा रहा अरमान
नरैनी। बाबा रामसजीवन के साथ गुमटी में बैठा अरमान (3) गुमटी के अंदर फंस गया था। डंपर की टक्कर से रामसजीवन काफी दूर गिरा था। हादसे के बाद पड़ोसी उसे तलाश कर रहे थे। तो वह गुमटी में दिखा। पड़ोसियों ने उसे गुमटी तोड़कर बाहर निकाला। दरवाजे में खेल रही मनीषा (3) को उसकी बुआ चंदनिया ने डंपर की तेज आवाज सुनकर खींचकर बचाया था।