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एक और इनामी मुठभेड़ में हत्थे चढ़ा
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बांदा/नरैनी। शहर में फौजी के घर से चोरी हुए पिस्टल की बरामदगी के लिए एसओजी और पुलिस टीम ने तीन दिन के अंतराल में सोमवार की रात एक और 25 हजार के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में घायल करके गिरफ्तार कर लिया। उसके पास देसी पिस्टल, कारतूस, लाखों के जेवर और 24 हजार रुपये मिले हैं।
पिछले माह आठ अगस्त को शहर के कालूकुआं निवासी फौजी के घर से लाइसेंसी पिस्टल चोरी हो गया था। इसकी बरामदगी के लिए पुलिस और एसओजी लगातार लगी हुई थी। शहर और कई गांवों में एसओजी ने तमाम लोगों को शक के आधार पर उठाया और पूछताछ की।
अंतत: 4 सितंबर को कृषि विवि के पास दिन में एसओजी ने हिस्ट्रीशीटर और 25 हजार के इनामी अमित उर्फ अंतु सोनी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास फौजी का चोरी गया पिस्टल बरामद किया था। इसी पिस्टल से उसने पुलिस पर फायर किए थे।
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अब बीते सोमवार की रात नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पिपरहरी गांव के नजदीक एसओजी और पुलिस ने मुठभेड़ के बाद कल्लू के बेटे 25 हजार के इनामी बदमाश राशिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उसने देसी पिस्टल से पुलिस पर फायर किए।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास देसी पिस्टल और तीन कारतूस सहित चोरी के सोने-चांदी के कई जेवर तथा 24 हजार रुपये कैश बरामद किए। पुलिस के मुताबिक राशिद हिस्ट्रीशीटर है।
सूबेदार फौजी के घर चोरी में वांछित है। अंतु सोनी से हुई मुठभेड़ में वह भाग निकला था। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर राशिद पर पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उस पर लगभग एक दर्जन आपराधिक केस दर्ज हैं।
इनमें लूट, चोरी आदि शामिल हैं। महोबा में भी एक चोरी में भी वांछित बताया गया है। उधर, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार राशिद पर नरैनी कोतवाली में धारा 307 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई है। मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी मयंक चंदेल व उनकी टीम और नरैनी के एसआई धर्मेंद्र कुमार सहित एसओजी की टीम शामिल रहे।
चार सितंबर की मुठभेड़ में भाग गया था राशिद
चार सितंबर को सुबह करीब 11 बजे एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस ने शहर के मवई बाईपास के पास मुठभेड़ के बाद 25 हजार के इनामी अमित उर्फ अंतू सोनी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से सूबेदार के घर से चोरी गई लाइसेंसी पिस्टल बरामद की थी।
फौजी के घर हुई चोरी के बाद से एसओजी और पुलिस इसके खुलासे के लिए हाथ-पैर मार रही थी। एएसपी ने बताया कि चार सितंबर को मुठभेड़ के बाद अमित सोनी को पकड़ लिया गया, लेकिन राशिद बाइक से भाग निकला था। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
कानपुर के मछरिया से पकड़ा था राशिद को
राशिद की पत्नी नुसरत और मां सन्नो ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। बताया कि राशिद इलाज कराने कानपुर गया था। वहां मछरिया में रुका था। दो सितंबर की रात को एसओजी पकड़कर अपने साथ ले आई।
कोतवाली में पता किया तो पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया। तब चार सितंबर को डीजीपी और आईजी को प्रार्थनापत्र भेजकर एसओजी द्वारा गंभीर अपराध में फंसाने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद पुलिस ने नहीं सुनी और सोमवार की रात मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तारी दिखा दी।
नुसरत ने आरोप लगाया कि राशिद पुलिस के कब्जे में दो सितंबर से था। फिर भी पुलिस ने मुठभेड़ दर्शा दिया। परिजनों ने बताया कि राशिद का अंतू सोनी से कोई खास व्यवहार नहीं रहा।
जेल में सफाई करने वाले पर भी थी नजर
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के यहां आने के बाद जेल हाई सिक्योरिटी में तब्दील हो गई है। यहां जेल में अस्थायी रूप से सफाई करने वाले खाईंपार निवासी अनिल कुमार को भी एसओजी ने उठाया था।
सूबेदार के घर से पिस्टल चोरी मामले में अनिल भी एसओजी की नजर में था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को उसके घर से काफी कारतूस मिले। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया है।
इंसेट---
...मुझे जान से मत मारिए
साहब! मेरा कोई कसूर नहीं है। मेरे चार बच्चे हैं, मुझे जान से मत मारिए। जिला अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान राशिद ने अपनी पत्नी व मां से यही बात बताई थी। परिजनों ने बताया कि रात के अंधेरे में दौड़ाने के दौरान राशदि पुलिस से यही गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस नहीं पसीजी और गोली चला दी, जबकि उसके घर से कुछ बरामद नहीं हुआ।
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पिछले माह आठ अगस्त को शहर के कालूकुआं निवासी फौजी के घर से लाइसेंसी पिस्टल चोरी हो गया था। इसकी बरामदगी के लिए पुलिस और एसओजी लगातार लगी हुई थी। शहर और कई गांवों में एसओजी ने तमाम लोगों को शक के आधार पर उठाया और पूछताछ की।
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अंतत: 4 सितंबर को कृषि विवि के पास दिन में एसओजी ने हिस्ट्रीशीटर और 25 हजार के इनामी अमित उर्फ अंतु सोनी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास फौजी का चोरी गया पिस्टल बरामद किया था। इसी पिस्टल से उसने पुलिस पर फायर किए थे।
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अब बीते सोमवार की रात नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पिपरहरी गांव के नजदीक एसओजी और पुलिस ने मुठभेड़ के बाद कल्लू के बेटे 25 हजार के इनामी बदमाश राशिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उसने देसी पिस्टल से पुलिस पर फायर किए।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास देसी पिस्टल और तीन कारतूस सहित चोरी के सोने-चांदी के कई जेवर तथा 24 हजार रुपये कैश बरामद किए। पुलिस के मुताबिक राशिद हिस्ट्रीशीटर है।
सूबेदार फौजी के घर चोरी में वांछित है। अंतु सोनी से हुई मुठभेड़ में वह भाग निकला था। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर राशिद पर पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उस पर लगभग एक दर्जन आपराधिक केस दर्ज हैं।
इनमें लूट, चोरी आदि शामिल हैं। महोबा में भी एक चोरी में भी वांछित बताया गया है। उधर, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार राशिद पर नरैनी कोतवाली में धारा 307 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई है। मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी मयंक चंदेल व उनकी टीम और नरैनी के एसआई धर्मेंद्र कुमार सहित एसओजी की टीम शामिल रहे।
चार सितंबर की मुठभेड़ में भाग गया था राशिद
चार सितंबर को सुबह करीब 11 बजे एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस ने शहर के मवई बाईपास के पास मुठभेड़ के बाद 25 हजार के इनामी अमित उर्फ अंतू सोनी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से सूबेदार के घर से चोरी गई लाइसेंसी पिस्टल बरामद की थी।
फौजी के घर हुई चोरी के बाद से एसओजी और पुलिस इसके खुलासे के लिए हाथ-पैर मार रही थी। एएसपी ने बताया कि चार सितंबर को मुठभेड़ के बाद अमित सोनी को पकड़ लिया गया, लेकिन राशिद बाइक से भाग निकला था। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
कानपुर के मछरिया से पकड़ा था राशिद को
राशिद की पत्नी नुसरत और मां सन्नो ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। बताया कि राशिद इलाज कराने कानपुर गया था। वहां मछरिया में रुका था। दो सितंबर की रात को एसओजी पकड़कर अपने साथ ले आई।
कोतवाली में पता किया तो पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया। तब चार सितंबर को डीजीपी और आईजी को प्रार्थनापत्र भेजकर एसओजी द्वारा गंभीर अपराध में फंसाने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद पुलिस ने नहीं सुनी और सोमवार की रात मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तारी दिखा दी।
नुसरत ने आरोप लगाया कि राशिद पुलिस के कब्जे में दो सितंबर से था। फिर भी पुलिस ने मुठभेड़ दर्शा दिया। परिजनों ने बताया कि राशिद का अंतू सोनी से कोई खास व्यवहार नहीं रहा।
जेल में सफाई करने वाले पर भी थी नजर
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के यहां आने के बाद जेल हाई सिक्योरिटी में तब्दील हो गई है। यहां जेल में अस्थायी रूप से सफाई करने वाले खाईंपार निवासी अनिल कुमार को भी एसओजी ने उठाया था।
सूबेदार के घर से पिस्टल चोरी मामले में अनिल भी एसओजी की नजर में था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को उसके घर से काफी कारतूस मिले। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया है।
इंसेट---
...मुझे जान से मत मारिए
साहब! मेरा कोई कसूर नहीं है। मेरे चार बच्चे हैं, मुझे जान से मत मारिए। जिला अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान राशिद ने अपनी पत्नी व मां से यही बात बताई थी। परिजनों ने बताया कि रात के अंधेरे में दौड़ाने के दौरान राशदि पुलिस से यही गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस नहीं पसीजी और गोली चला दी, जबकि उसके घर से कुछ बरामद नहीं हुआ।