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गिराऊ भवन में चल रहे सरकारी स्कूल

Tue, 05 Jul 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा Updated Tue, 05 Jul 2016 11:45 PM IST
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Girau ongoing government school building
जीआईसी बांदा का जर्जर भवन। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। शासन ने नए शिक्षासत्र में भी बजट नहीं दिया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ रहे छह हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं पर खतरा मंडरा रहा है। करीब 80 वर्ष पूर्व बना कॉलेज भवन पूरी तरह जीर्णशीर्ण और गिराऊ हालत में है। बरामदे के छज्जे टूटकर गिरने लगे हैं। बारिश में छतों से पानी टपकता है। प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए दो साल पहले भेजा गया इस्टीमेट शासन में लंबित है।

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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से अरबों रुपये खर्च कर हर पांच किलोमीटर के दायरे में राजकीय हाईस्कूल भवन बनाए जा रहे हैं। हाईटेक माडल स्कूलों का निर्माण हो रहा है। बांदा में स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का भवन वर्ष 1916 के आसपास का निर्मित है।
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तब से भवन के रख-रखाव के लिए शासन स्तर पर तवज्जो नहीं दी गई। यहां करीब 40 कक्ष ऐसे हैं जो कभी भी ढह सकते हैं। बरामदे का छज्जा आए दिन गिरता है। प्रधानाचार्य ने खतरे को भांपते हुए छज्जा गिरवा दिया लेकिन अंदर कमरों में प्लास्टर उखड़कर टीचरों व छात्रों के ऊपर गिर रहा है। खतरे की वजह से टीचर व स्टूडेंट्स यहां बैठने से डरते हैं।
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ऐसी ही दशा राजकीय इंटर कॉलेज बांदा की भी है। प्रधानाचार्य संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि कई बार डीआईओएस के माध्यम से शासन को जर्जर भवन से अवगत कराया गया है। उधर, विभागीय लिपिक ने बताया कि दो वर्ष पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जीर्णोद्धार के लिए इस्टीमेट तैयार किया था। इसमें जीआईसी के लिए 57.66 लाख और जीजीआईसी के लिए 98.86 लाख की दरकार है। रिमांइडर भी भेजा जा चुका है लेकिन शासन स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।


निदेशक को भेजा गया रिमाइंडर
बांदा। जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने बताया कि शासन ने वर्ष 2014 में जीआईसी व जीजीआईसी के लिए इस्टीमेट मांगा था। आरईएस के माध्यम से इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को दोबारा रिमाइंडर भेजा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही जीर्णोद्धार के लिए धनराशि जारी की जाएगी।

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