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Banda News: पत्नी के मायके से न आने से क्षुब्ध राजमिस्त्री ने दी जान
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बांदा। पत्नी के मायके से न आने से क्षुब्ध राजमिस्त्री ने फंदा लगाकर जान दे दी। गांव की बच्ची ने उसका शव पेड़ से लटका देखा तो परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी दी।
जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी भोला प्रसाद (40) ने शनिवार की सुबह घर से करीब 100 मीटर दूर जंगल में लगे नीम के पेड़ से रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। गांव की बच्ची लकड़ी बीनने वहां गई तो उसने भोला को फंदे से लटका देखा। उसने परिजनों को जानकारी दी।
पिता बिंदा प्रसाद ने बताया कि जनवरी में भोला की पत्नी रामप्यारी ने पांच बच्चों के बाद नसबंदी करा ली थी। यह बात उसने घर में नहीं बताई थी। जब पति और ससुरालियों को पता चला तो उसको डांटा। इस पर वह मायके बबेरू चली गई थी। कई बार भोला उसे लाने के लिए गया लेकिन मायके पक्ष ने उसे नहीं भेजा। इससे भोला प्रसाद का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया था। वह कभी हवाई जहाज की आवाज सुनकर डरने लगा था तो कभी पुलिस को देखकर भाग जाता था।
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करीब चार महीने से वह ज्यादा मानसिक रोग से ग्रसित हो गया था। इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। राजमिस्त्री का काम करता था। जसपुरा थानाध्यक्ष मोनी निषाद ने बताया कि परिजन मानसिक रोगी बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी भोला प्रसाद (40) ने शनिवार की सुबह घर से करीब 100 मीटर दूर जंगल में लगे नीम के पेड़ से रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। गांव की बच्ची लकड़ी बीनने वहां गई तो उसने भोला को फंदे से लटका देखा। उसने परिजनों को जानकारी दी।
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पिता बिंदा प्रसाद ने बताया कि जनवरी में भोला की पत्नी रामप्यारी ने पांच बच्चों के बाद नसबंदी करा ली थी। यह बात उसने घर में नहीं बताई थी। जब पति और ससुरालियों को पता चला तो उसको डांटा। इस पर वह मायके बबेरू चली गई थी। कई बार भोला उसे लाने के लिए गया लेकिन मायके पक्ष ने उसे नहीं भेजा। इससे भोला प्रसाद का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया था। वह कभी हवाई जहाज की आवाज सुनकर डरने लगा था तो कभी पुलिस को देखकर भाग जाता था।
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करीब चार महीने से वह ज्यादा मानसिक रोग से ग्रसित हो गया था। इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। राजमिस्त्री का काम करता था। जसपुरा थानाध्यक्ष मोनी निषाद ने बताया कि परिजन मानसिक रोगी बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।