गाज से किशोर-किशोरी समेत चार मरे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बबेरू/कमासिन। बिजली का जानलेवा कहर रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पड़ोसी जनपद चित्रकूट में शनिवार को गाज गिरने से हुई आठ मौतों के अगले ही दिन बांदा में रविवार को अलग-अलग घटनाओं में गाज ने चार जानें ले लीं। आठ मवेशी भी मौत के मुंह समा गए।इस वर्ष आई भीषण बाढ़ में कोई जान नहीं गई लेकिन आकाशीय गाज लगातार मौत बनकर टूट रही है। रविवार को शाम बबेरू कोतवाली क्षेत्र के परसौली गांव में रामखेलावन (50) पुत्र लल्लू खेत से लौट रहा था। तभी गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरी और उसकी वहीं मौत हो गई। उसके साथ चल रहा बिंदा (35) पुत्र रघुराज बुरी तरह झुलस गया।
सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूसरी घटना में कोतवाली क्षेत्र के अहार गांव में विनीता (15) पुत्री राजू कोटार्य खेतों में बकरी चरा रही थी। बारिश होने पर वह नीम के पेड़ के नीचे खड़ी हो गई। इसी बीच गिरी गाज ने उसकी जान ले ली। तीसरी मौत तरायां गांव में हुई। राजबहादुर (16) पुत्र सदलू दोपहर खेत में बकरी चरा रहा था। बारिश होने पर पेड़ के नीचे आ गया। तभी गाज गिरने से उसकी मौत हो गई। उधर, बगेहटा गांव में खेत में काम कर रहा रामकिशोर (52) पुत्र रामभवन गाज गिरने से झुलस गया। उधर, कमासिन क्षेत्र के बीरा गांव में रामचरन प्रजापति (57) पुत्र विक्रम शाम को खेत जोत रहा था। बारिश शुरू हो जाने पर वह हल लेकर मेड़ के पास आ गया। इसी बीच उसके ऊपर आकाशीय गाज गिर गई। उसकी वहीं मौत हो गई। प्रधान देवकुमार गुप्ता ने एसडीएम व थाने में सूचना दी।
उधर, कोर्रा गांव के पुरवा में खेत जोत रहे कल्लू यादव (48) पुत्र हिमांचल और बकरियां चरा रहे लाल कुंवर (11) और दलित रघुवंश (50) आकाशीय बिजली से झुलस गए। दोनों की छह बकरियां मर गईं। प्रधान माया देवी ने तीनों को पीएचसी में भर्ती कराया। लोहरा गांव में आकाशीय बिजली से मुस्तफा व इदरीस की दो भैंस मर गईं। सिमौनी गांव में कल्लू विश्वकर्मा का बैल मर गया। एसडीएम सुरेंद्र यादव ने जांच के लिए राजस्व अधिकारियों को मौके पर भेजा है।