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डेंगू के चार और मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 27 Sep 2015 11:18 PM IST
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जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा
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हो रहा है। उधर, अधिकांश मरीज कानपुर भेजकर डाक्टर पल्ला झाड़ रहे हैं। कई
मरीज दिल्ली, मुंबई और पंजाब से डेंगू ग्रस्त होकर आए।
जिला अस्पताल में रविवार को डेंगू के तीन नए मरीज पाए गए। इनमें सरवन (17) पुत्र टिर्रा बबेरू क्षेत्र के मझीवां गांव का रहने वाला है। वह कुछ दिन पहले मुंबई से लौटा था। एक अन्य मरीज कृष्णा (13) पुत्री प्रमोद (कंपोटर पुरवा नरैनी) को भी डेंगू ग्रस्त पाई गई।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक मोहम्मद हुसैन (21) पुत्र वहीद निवासी सतन्याव गांव को सीएचसी में डेंगू की पुष्टि होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। वह दिल्ली में मजदूरी करता था। वहीं बुखार आने के बाद घर लौट आया था।
उधर, नरैनी क्षेत्र के नेढ़ुवा गांव निवासी महेंद्र (25) पुत्र धन्नीलाल दिल्ली मजदूरी को गया था। वहां उसकी तबियत बिगड़ी तो वह 23 सितंबर को घर आ गया। हालत खराब होने पर परिजनों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया था।
उधर, तुर्रा गांव निवासी मुस्कान (12) पुत्री अकबर अली, बरसड़ा खुर्द गांव के प्रधान पति मुन्नालाल (40), गौरव वाजपेयी (16) निवासी इंदिरा नगर, मनीष (18) पुत्र शिवधनी पौंडरा, सुशील (21) निवासी बड़ा गांव (बिसंडा) और महोखर गांव निवासी शिवपूजन (60) को डेंगू पाए जाने पर चार दिन पहले कानपुर भेजा गया था।
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को अलग वार्ड में न रखकर अन्य मरीजो के साथ रखा जा रहा है। हालांकि एक-दो दिन रोकने के बाद सभी मरीजों को यहां से कानपुर रिफर कर दिया जाता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग जिलाधिकारी और शासन को रिपोर्ट भेजकर डेंगू से कोई खतरा नहीं बता रहा। अस्पतालों में तैयारियों के दावे किए गए हैं।
जिला अस्पताल में रविवार को डेंगू के तीन नए मरीज पाए गए। इनमें सरवन (17) पुत्र टिर्रा बबेरू क्षेत्र के मझीवां गांव का रहने वाला है। वह कुछ दिन पहले मुंबई से लौटा था। एक अन्य मरीज कृष्णा (13) पुत्री प्रमोद (कंपोटर पुरवा नरैनी) को भी डेंगू ग्रस्त पाई गई।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक मोहम्मद हुसैन (21) पुत्र वहीद निवासी सतन्याव गांव को सीएचसी में डेंगू की पुष्टि होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। वह दिल्ली में मजदूरी करता था। वहीं बुखार आने के बाद घर लौट आया था।
उधर, नरैनी क्षेत्र के नेढ़ुवा गांव निवासी महेंद्र (25) पुत्र धन्नीलाल दिल्ली मजदूरी को गया था। वहां उसकी तबियत बिगड़ी तो वह 23 सितंबर को घर आ गया। हालत खराब होने पर परिजनों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया था।
उधर, तुर्रा गांव निवासी मुस्कान (12) पुत्री अकबर अली, बरसड़ा खुर्द गांव के प्रधान पति मुन्नालाल (40), गौरव वाजपेयी (16) निवासी इंदिरा नगर, मनीष (18) पुत्र शिवधनी पौंडरा, सुशील (21) निवासी बड़ा गांव (बिसंडा) और महोखर गांव निवासी शिवपूजन (60) को डेंगू पाए जाने पर चार दिन पहले कानपुर भेजा गया था।
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को अलग वार्ड में न रखकर अन्य मरीजो के साथ रखा जा रहा है। हालांकि एक-दो दिन रोकने के बाद सभी मरीजों को यहां से कानपुर रिफर कर दिया जाता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग जिलाधिकारी और शासन को रिपोर्ट भेजकर डेंगू से कोई खतरा नहीं बता रहा। अस्पतालों में तैयारियों के दावे किए गए हैं।