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फसल के अवशेष जलाने से रोकेंगे उड़नदस्ते
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बांदा। खेतों में पराली (धान की पुआल) या अन्य कोई कृषि अपशिष्ट (फसल का कचरा) आदि जलाने पर शासन ने तेवर और सख्त कर दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा जारी शासनादेश के बाद डीएम ने सभी तहसीलों में तहसीलवार उड़नदस्ते गठित कर दिए हैं। खेत में अपशिष्ट जलाने वालों से जुर्माना और क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल जवाबदेह होंगे।
डीएम हीरालाल ने शासनादेश का हवाला देकर जारी किए आदेश में कहा है कि सभी तहसीलों में तत्काल प्रभाव से उड़नदस्ते गठित कर दिए गए हैं। यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में धान की पराली या अन्य कृषि अपशिष्ट जलाकर प्रदूषण न फैलाया जाए। डीएम ने प्रत्येक तहसील व ब्लाक में लेखपाल व ग्राम प्रधानों को शामिल करते हुए व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के निर्देश दिए हैं। लेखपाल या प्रधान कहीं भी अपशिष्ट जलाने की सूचना इस व्हाट्सएप्प ग्रुप से तत्काल उड़नदस्ते को देंगे।
डीएम ने कहा है कि धान कटने के समय से लेकर रबी गेहूं की बुवाई तक अवशेष जलाने की घटनाएं रोकने के लिए खास सतर्कता और नजर रखी जाए। उड़नदस्तों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से रोजाना जिलास्तर पर गठित सेल को अवगत कराया जाए। डीएम ने लेखपालों और प्रधानों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में किसी भी दशा में पराली या अपशिष्ट न जलें।
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अगर अवशेष जलाने की घटना सामने आई तो संबंधित लेखपाल जिम्मेदार होंगे। इसके लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनजागरण अभियान चलाने को कहा है। गठित उड़नदस्तों में जिले की सभी तहसीलों में एसडीएम को उड़नदस्ते का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस का प्रतिनिधित्व क्षेत्राधिकारी करेंगे। नामित किए गए कृषि विभाग के अधिकारियों में सदर तहसील में छेदीलाल, पैलानी में शारदा प्रसाद, अतर्रा में चंद्रपाल, नरैनी में रामलाल और बबेरू में राजेंद्र प्रसाद शामिल हैं।
जिला स्तर पर भी सेल का गठन
खरीफ मौसम में फसल के अवशेष जलाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) द्वारा दिए गए आदेश पर जिलास्तरीय सेल का गठन किया गया है। यह प्रतिदिन अनुश्रवण करेगा। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) इसके अध्यक्ष होंगे।
पुलिस अधीक्षक, उपकृषि निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायती राज अधिकारी और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सदस्य नामित किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि धान कटने से लेकर रबी की बुवाई तक रोजाना यह दस्ता समीक्षा कर उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति को रिपोर्ट भेजेगा।
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डीएम हीरालाल ने शासनादेश का हवाला देकर जारी किए आदेश में कहा है कि सभी तहसीलों में तत्काल प्रभाव से उड़नदस्ते गठित कर दिए गए हैं। यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में धान की पराली या अन्य कृषि अपशिष्ट जलाकर प्रदूषण न फैलाया जाए। डीएम ने प्रत्येक तहसील व ब्लाक में लेखपाल व ग्राम प्रधानों को शामिल करते हुए व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के निर्देश दिए हैं। लेखपाल या प्रधान कहीं भी अपशिष्ट जलाने की सूचना इस व्हाट्सएप्प ग्रुप से तत्काल उड़नदस्ते को देंगे।
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डीएम ने कहा है कि धान कटने के समय से लेकर रबी गेहूं की बुवाई तक अवशेष जलाने की घटनाएं रोकने के लिए खास सतर्कता और नजर रखी जाए। उड़नदस्तों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से रोजाना जिलास्तर पर गठित सेल को अवगत कराया जाए। डीएम ने लेखपालों और प्रधानों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में किसी भी दशा में पराली या अपशिष्ट न जलें।
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अगर अवशेष जलाने की घटना सामने आई तो संबंधित लेखपाल जिम्मेदार होंगे। इसके लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनजागरण अभियान चलाने को कहा है। गठित उड़नदस्तों में जिले की सभी तहसीलों में एसडीएम को उड़नदस्ते का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस का प्रतिनिधित्व क्षेत्राधिकारी करेंगे। नामित किए गए कृषि विभाग के अधिकारियों में सदर तहसील में छेदीलाल, पैलानी में शारदा प्रसाद, अतर्रा में चंद्रपाल, नरैनी में रामलाल और बबेरू में राजेंद्र प्रसाद शामिल हैं।
जिला स्तर पर भी सेल का गठन
खरीफ मौसम में फसल के अवशेष जलाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) द्वारा दिए गए आदेश पर जिलास्तरीय सेल का गठन किया गया है। यह प्रतिदिन अनुश्रवण करेगा। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) इसके अध्यक्ष होंगे।
पुलिस अधीक्षक, उपकृषि निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायती राज अधिकारी और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सदस्य नामित किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि धान कटने से लेकर रबी की बुवाई तक रोजाना यह दस्ता समीक्षा कर उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति को रिपोर्ट भेजेगा।