फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Five day meeting of Rashtriya Swayamsevak Sangh in Chitrakoot

आरएसएस की महाबैठक का आगाज: मोदी-योगी सरकारों की छवि अहम एजेंडा, पत्ते नहीं खोले पर यूपी चुनाव ही अहम मुद्दा

Wed, 07 Jul 2021 10:01 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 07 Jul 2021 10:01 AM IST
सार

अगले वर्ष यूपी विधान सभा के होने वाले चुनाव भी बैठक के अहम एजेंडे में रहेंगे। संघ की ऐसी उच्चस्तरीय बैठक हर वर्ष जुलाई माह में होती है। इसमें क्षेत्रीय प्रचारक सहित प्रांत प्रचारक इत्यादि शामिल होते रहे हैं, लेकिन अबकी कोरोना के चलते इस बैठक में कुछ बदलाव किया गया है।

विज्ञापन
Five day meeting of Rashtriya Swayamsevak Sangh in Chitrakoot
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

श्रीराम मंदिर निर्माण के बीच राम की तपोस्थली चित्रकूट में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की पांच दिवसीय बैठक हो रही है। संघ नेतृत्व ने इसके पत्ते नहीं खोले हैं। सब कुछ गोपनीय रखा गया है। फिर भी जो कयास लगाए जा रहे हैं, उनमें संघ नेतृत्व मोदी-योगी सरकार की छवि को लेकर विशेष मंथन करेगा।
विज्ञापन


अगले वर्ष यूपी विधान सभा के होने वाले चुनाव भी बैठक के अहम एजेंडे में रहेंगे। संघ की ऐसी उच्चस्तरीय बैठक हर वर्ष जुलाई माह में होती है। इसमें क्षेत्रीय प्रचारक सहित प्रांत प्रचारक इत्यादि शामिल होते रहे हैं, लेकिन अबकी कोरोना के चलते इस बैठक में कुछ बदलाव किया गया है।
विज्ञापन


क्षेत्र प्रचारकों से उच्चस्तर के संघ पदाधिकारी ही बैठक में प्रतिभाग करेंगे। दो दिन 10 व 11 जुलाई को लगभग 300 प्रांतीय प्रचारकों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत वर्चुअल/ऑनलाइन बैठक करेंगे। बैठक के एजेंडे या मुद्दों पर संघ का कोई भी जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन जो कयास लगाए जा रहे हैं उनमें संघ के पिछले कार्यों की समीक्षा और अगले वर्ष के कार्यों की रूपरेखा तय हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र की नरेंद्र मोदी और यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकारों की कोरोना महामारी में हुई किरकिरी पर विपक्षी दलों द्वारा बनाई गई छवि पर भी मंथन और भरपाई की रणनीति करने के आसार है। इसके लिए संघ ग्राउंड लेबल पर कार्य करने की योजना अमल में ला सकता है।

संघ नेतृत्व बैठक में यूपी-एमपी सरकारों के कामों की समीक्षा और उनकी शैली पर भी चर्चा करेगा। दोनों सरकारों को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। खासकर यूपी में चुनाव के मद्देनजर यहां की सरकार के जिम्मेदारों के लिए कुछ नई गाइडलाइन तैयार करने की भी चर्चा है। यह भी बताया जा रहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे गलत प्रचार की भरपाई के लिए संघ कार्यकर्ता घर-घर, गांव-गांव जाकर लोगों को समझाएंगे।

आपदा को अवसर में बदलेगा संघ
कोरोना महामारी पर बखूबी काबू पा लेने और अपने ही देश में वैक्सीन तैयार किए जाने को भी मुद्दा बनाकर संघ कार्यकर्ता लोगों का रुझान भाजपा सरकारों के पक्ष में मोड़ने की कवायदें करेंगे। बताएंगे कि किस तरह योगी सरकार ने महामारी से ज्यादातर लोगों को बचा लिया। लगभग 96 वर्ष पुराना संगठन आरएसएस के बारे में शुरू से ही यह कहा जाता रहा है कि भाजपा का मार्गदर्शक और पथ प्रदर्शक है। उसी की मंशा और मर्जी के मुताबिक काम होते हैं। हालांकि, संघ मुखिया ऐसा नहीं स्वीकार करते। उनका कहना है कि संघ का अपना अलग काम है। संघ भारतीय राष्ट्रवाद के लिए काम करता है।

96 वर्ष से सक्रिय है संघ
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना 27 सितंबर 1925 (विजयादशमी) को हुई थी। संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार थे। इसका उद्देश्य नि:स्वार्थ राष्ट्रभक्ति और भारतीय राष्ट्रवाद है। संघ का मुख्यालय नागपुर (महाराष्ट्र) में है। मौजूदा में इसके प्रमुख डॉ. मोहन भागवत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed