{"_id":"6220f9787861fd586943f85c","slug":"father-throws-son-off-the-bridge-death-banda-news-knp6836618199","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता ने बेटे को पुल से नीचे फेंका, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता ने बेटे को पुल से नीचे फेंका, मौत
विज्ञापन
इसी पुल से पुत्र को फेंककर की हत्या।
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरैनी। कालिंजर थाना क्षेत्र के रामनगर में एक व्यक्ति ने 14 वर्षीय इकलौते बेटे को नदी के पुल से 80 फीट नीचे फेंक दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके बाद हत्यारोपी पिता ने बेटे के शव को अपने कंधे पर लादकर घर ले आया। हत्यारोपी को पत्नी के चरित्र व बेटे के नाजायज संतान होने का शक था।
उधर, घटनास्थल यूपी-एमपी सीमा पर होने से मामला सीमा विवाद में उलझ गया। हालांकि दोनों प्रांतों की पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी घटनास्थल का यूपी पुलिस का है या एमपी पुलिस का। यह तय नहीं हो सका है।
रामनगर निवासी चंद्रपाल विश्वकर्मा ने मंगलवार को महाशिवरात्रि के दिन बेटे किशना को किसी बात पर पीटा था। डरा-सहमा किशना भागकर कालिंजर किला चला गया था। बुधवार को चंद्रपाल उसे खोजता हुआ किले पहुंच गया। वहां बेटे को पकड़कर पीटते हुए गांव की तरफ ले चला।
विज्ञापन
रास्ते में बागै नदी पर बने पुल से उसे उल्टा लटका दिया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने बताया कि किशना रो-रोकर पिता से प्राणों की भीख मांगता रहा, चंद्रपाल को रहम नहीं आया। उसने 80 फीट ऊपर से बेटे को फेंक दिया। कुछ देर तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चंद्रपाल पुल के नीचे पहुंचा और बेटे के शव को कंधे पर लादकर घर की तरफ चला गया। रात भर शव घर में रखे रहा, लेकिन किसी को घटना की भनक नहीं लगी। गुरुवार की सुबह गांव के चौकीदार ने थाने में सूचना दी।
उधर, घटनास्थल को लेकर बांदा के कालिंजर और मध्य प्रदेश के जिला पन्ना के धरमपुर थानों की पुलिस के बीच घटनास्थल को लेकर खींचतान चलती रही। कालिंजर थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि उन्हें गांव वालों से सूचना मिली है। दरोगा और सिपाही मौके पर भेजे हैं। कहा कि घटनास्थल मध्य प्रदेश में है।
उधर, धरमपुर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार बेगी ने भी कहा कि उन्हें मृतक के परिजनों ने कोई सूचना नहीं दी है। फिर भी खबर मिलने पर वह घटनास्थल पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि घटनास्थल उनके थाना क्षेत्र में नहीं है। कालिंजर (यूपी) में है।
पुलिस की इस खींचतान के चलते गुरुवार को शाम तक शव का पंचनामा नहीं भरा जा सका। पुलिस का कहना है कि किशना ननिहाल में जन्मा था। इसलिए चंद्रपाल उसे अपनी संतान नहीं मानता था। इसी को किशना की हत्या की वजह माना जा रहा है।
मायके में पैदा हुआ था किशना, पिता को था शक
नरैनी। बेटे को मौत के घाट उतारने की पृष्ठभूमि में यह बात सामने आई है कि आरोपी चंद्रपाल की पत्नी मायके में ही रहती है। उसने मायके में ही बेेटे किशना को जन्म दिया था। चंद्रपाल इसे अपनी संतान नहीं मानता था। पत्नी के चरित्र पर शक करता था। बाद में ससुराल वालों के दबाव में पत्नी मायके से ससुराल आ गई थी। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त भी बताई गई है। कुछ साल पहले चंद्रपाल ने उसका हाथ जला दिया था। जिस पर डॉक्टरों को पंजा काटना पड़ा था। माना जा रहा है कि इकलौते बेटे की हत्या के पीछे पिता चंद्रपाल के किशना के अवैध संतान होने का शक ही है।
दो दिन पहले पेड़ में बांधकर पीटा था
चंद्रपाल ने दो दिन पहले किशना को पेड़ से बांधकर पीटा भी था। किशना को चंद्रपाल अपनी नाजायज संतान मानता था। इसलिए उससे खुन्नस मानता था। पहले भी वह कई बार किशना के बाद मारपीट कर चुका था।
विज्ञापन
उधर, घटनास्थल यूपी-एमपी सीमा पर होने से मामला सीमा विवाद में उलझ गया। हालांकि दोनों प्रांतों की पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी घटनास्थल का यूपी पुलिस का है या एमपी पुलिस का। यह तय नहीं हो सका है।
विज्ञापन
रामनगर निवासी चंद्रपाल विश्वकर्मा ने मंगलवार को महाशिवरात्रि के दिन बेटे किशना को किसी बात पर पीटा था। डरा-सहमा किशना भागकर कालिंजर किला चला गया था। बुधवार को चंद्रपाल उसे खोजता हुआ किले पहुंच गया। वहां बेटे को पकड़कर पीटते हुए गांव की तरफ ले चला।
विज्ञापन
रास्ते में बागै नदी पर बने पुल से उसे उल्टा लटका दिया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने बताया कि किशना रो-रोकर पिता से प्राणों की भीख मांगता रहा, चंद्रपाल को रहम नहीं आया। उसने 80 फीट ऊपर से बेटे को फेंक दिया। कुछ देर तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चंद्रपाल पुल के नीचे पहुंचा और बेटे के शव को कंधे पर लादकर घर की तरफ चला गया। रात भर शव घर में रखे रहा, लेकिन किसी को घटना की भनक नहीं लगी। गुरुवार की सुबह गांव के चौकीदार ने थाने में सूचना दी।
उधर, घटनास्थल को लेकर बांदा के कालिंजर और मध्य प्रदेश के जिला पन्ना के धरमपुर थानों की पुलिस के बीच घटनास्थल को लेकर खींचतान चलती रही। कालिंजर थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि उन्हें गांव वालों से सूचना मिली है। दरोगा और सिपाही मौके पर भेजे हैं। कहा कि घटनास्थल मध्य प्रदेश में है।
उधर, धरमपुर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार बेगी ने भी कहा कि उन्हें मृतक के परिजनों ने कोई सूचना नहीं दी है। फिर भी खबर मिलने पर वह घटनास्थल पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि घटनास्थल उनके थाना क्षेत्र में नहीं है। कालिंजर (यूपी) में है।
पुलिस की इस खींचतान के चलते गुरुवार को शाम तक शव का पंचनामा नहीं भरा जा सका। पुलिस का कहना है कि किशना ननिहाल में जन्मा था। इसलिए चंद्रपाल उसे अपनी संतान नहीं मानता था। इसी को किशना की हत्या की वजह माना जा रहा है।
मायके में पैदा हुआ था किशना, पिता को था शक
नरैनी। बेटे को मौत के घाट उतारने की पृष्ठभूमि में यह बात सामने आई है कि आरोपी चंद्रपाल की पत्नी मायके में ही रहती है। उसने मायके में ही बेेटे किशना को जन्म दिया था। चंद्रपाल इसे अपनी संतान नहीं मानता था। पत्नी के चरित्र पर शक करता था। बाद में ससुराल वालों के दबाव में पत्नी मायके से ससुराल आ गई थी। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त भी बताई गई है। कुछ साल पहले चंद्रपाल ने उसका हाथ जला दिया था। जिस पर डॉक्टरों को पंजा काटना पड़ा था। माना जा रहा है कि इकलौते बेटे की हत्या के पीछे पिता चंद्रपाल के किशना के अवैध संतान होने का शक ही है।
दो दिन पहले पेड़ में बांधकर पीटा था
चंद्रपाल ने दो दिन पहले किशना को पेड़ से बांधकर पीटा भी था। किशना को चंद्रपाल अपनी नाजायज संतान मानता था। इसलिए उससे खुन्नस मानता था। पहले भी वह कई बार किशना के बाद मारपीट कर चुका था।

घर के दरवाजे पर बैठा हत्यारोपी चंद्रपाल (दाएं)। - फोटो : BANDA