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पूर्व फौजी के पुत्र को पिता-पुत्रों ने गोली मारी
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तिंदवारी। डकैती के चल रहे केस में कोर्ट में बयान की पूर्व संध्या पर पिता और चार पुत्रों ने पड़ोसी पूर्व सैनिक के घर धावा बोलकर सैनिक पुत्र को गोली मार दी। उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में कानपुर ले जाया गया है। पिता और उसके चार पुत्रों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
यहां संतोषी नगर में पूर्व फौजी स्वर्गीय बलवीर सिंह का परिवार रहता है। बीती रात गुरुवार को करीब साढ़े 8 बजे पूर्व फौजी का पुत्र बुद्धविकास सिंह पटेल (30) घर के दरवाजे पर था। तभी नजदीक में रह रहे पिता और उसके चार पुत्रों ने आकर उसे ललकारा और पिता ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली बुद्धविकास के बाएं हाथ में जा धंसी। फायर की आवाज और शोर सुनकर घर के अंदर मौजूद परिजन व पड़ोसी आ गए। हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में बुद्धविकास को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से देर रात कानपुर रेफर कर दिया गया। वहा के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
घटना की पृष्ठभूमि में पता चला है कि वर्ष 1989 में बुद्धविकास के पिता पूर्व फौजी बलवीर सिंह ने पड़ोसी पिता व पुत्रों पर डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह केस बांदा की अदालत में चल रहा है। 1994 में बलवीर सिंह की मृत्यु हो गई। शुक्रवार (11 अक्तूबर) को इस मामले में बलवीर की पत्नी के बयान होना थे।
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बुद्धविकास द्वारा दी गई तहरीर में कहा है कि आरोपियों ने आकर धमकी दी कि वह अपनी मां को समझा ले कि न्यायालय में उनके खिलाफ बयान न दे। इस धमकी का विरोध करने पर गोली मार दी। थाना इंसपेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि बुद्धविकास तहरीर पर तिंदवारी थाने में रामसिया कुशवाहा और उसके पुत्र सत्यवीर, बल्लू, शिवकुमार और बृजमोहन उर्फ चौहान के विरुद्ध धारा 147, 148, 307, 452, 504, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी फिलहाल गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
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यहां संतोषी नगर में पूर्व फौजी स्वर्गीय बलवीर सिंह का परिवार रहता है। बीती रात गुरुवार को करीब साढ़े 8 बजे पूर्व फौजी का पुत्र बुद्धविकास सिंह पटेल (30) घर के दरवाजे पर था। तभी नजदीक में रह रहे पिता और उसके चार पुत्रों ने आकर उसे ललकारा और पिता ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली बुद्धविकास के बाएं हाथ में जा धंसी। फायर की आवाज और शोर सुनकर घर के अंदर मौजूद परिजन व पड़ोसी आ गए। हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में बुद्धविकास को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से देर रात कानपुर रेफर कर दिया गया। वहा के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
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घटना की पृष्ठभूमि में पता चला है कि वर्ष 1989 में बुद्धविकास के पिता पूर्व फौजी बलवीर सिंह ने पड़ोसी पिता व पुत्रों पर डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह केस बांदा की अदालत में चल रहा है। 1994 में बलवीर सिंह की मृत्यु हो गई। शुक्रवार (11 अक्तूबर) को इस मामले में बलवीर की पत्नी के बयान होना थे।
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बुद्धविकास द्वारा दी गई तहरीर में कहा है कि आरोपियों ने आकर धमकी दी कि वह अपनी मां को समझा ले कि न्यायालय में उनके खिलाफ बयान न दे। इस धमकी का विरोध करने पर गोली मार दी। थाना इंसपेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि बुद्धविकास तहरीर पर तिंदवारी थाने में रामसिया कुशवाहा और उसके पुत्र सत्यवीर, बल्लू, शिवकुमार और बृजमोहन उर्फ चौहान के विरुद्ध धारा 147, 148, 307, 452, 504, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी फिलहाल गिरफ्तार नहीं हुए हैं।