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विद्यापीठ में किसानों को मुफ्त मिलेगा प्रशिक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:24 PM IST
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बांदा। बड़ोखर खुर्द गांव में स्थित ह्यूमन एग्रेरियन
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अब किसानों और युवाओं को खेती-बारी की मुफ्त शिक्षा भी देगा। यहां किसान
विद्यापीठ स्थापित की गई है।
बुंदेलखंड के प्रगतिशील किसान रहे स्व.कामराज के सम्मान में यह स्थापना की गई है। इस मौके पर बेल्जियम के जोहान डिहस्लर और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन भी हुआ।
ह्यूमन एग्रेरियन परिसर में बड़ी संख्या में चित्रकूटधाम मंडल से आए किसान शरीक हुए। मेजबान प्रेम सिंह ने सभी की अगुवानी की। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित की गई किसान विद्यापीठ बुंदेलखंड की इकलौती है।
इसमें किसानों खासकर युवा किसानों को मुफ्त प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसकी स्थापना जोहान डिहस्लर की प्रेरणा से हुई है। कई किसानों ने इसमें दाखिले के लिए इच्छा जताई है।
पुस्तक ‘व्हाट फारमर्स रियली नीड’ का सामूहिक रूप से विवेचन प्रताप सोमवंशी (संपादक, नई दिल्ली), पत्रकार केसर व पूजा सिंह (दिल्ली) आदि ने किया। स्व. कामराज की याद की गई।
मध्य प्रदेश से आए वहां के उच्च शिक्षाधिकारी उमाकांत राव ने बुंदेलखंड में घटते जल स्तर पर चिंता जताई। नेहरू युवा संगठन के पूर्व निदेशक चंद्रशेखर प्राण ने ग्राम पंचायत प्रणाली के बारे में बताया।
इस अवसर पर प्राचार्य डा. आरबी सिंह तोमर, चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’, उमाशंकर परमार, डीसीडीएफ अध्यक्ष सुधीर सिंह, चंद्रपाल कश्यप, रणवीर सिंह चौहान, डीडी सोनी, नारायणदास गुप्त, पंकज सिंह, अहमद भाई, विद्यासागर द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त आदि शामिल रहे।
बुंदेलखंड के प्रगतिशील किसान रहे स्व.कामराज के सम्मान में यह स्थापना की गई है। इस मौके पर बेल्जियम के जोहान डिहस्लर और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन भी हुआ।
ह्यूमन एग्रेरियन परिसर में बड़ी संख्या में चित्रकूटधाम मंडल से आए किसान शरीक हुए। मेजबान प्रेम सिंह ने सभी की अगुवानी की। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित की गई किसान विद्यापीठ बुंदेलखंड की इकलौती है।
इसमें किसानों खासकर युवा किसानों को मुफ्त प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसकी स्थापना जोहान डिहस्लर की प्रेरणा से हुई है। कई किसानों ने इसमें दाखिले के लिए इच्छा जताई है।
पुस्तक ‘व्हाट फारमर्स रियली नीड’ का सामूहिक रूप से विवेचन प्रताप सोमवंशी (संपादक, नई दिल्ली), पत्रकार केसर व पूजा सिंह (दिल्ली) आदि ने किया। स्व. कामराज की याद की गई।
मध्य प्रदेश से आए वहां के उच्च शिक्षाधिकारी उमाकांत राव ने बुंदेलखंड में घटते जल स्तर पर चिंता जताई। नेहरू युवा संगठन के पूर्व निदेशक चंद्रशेखर प्राण ने ग्राम पंचायत प्रणाली के बारे में बताया।
इस अवसर पर प्राचार्य डा. आरबी सिंह तोमर, चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’, उमाशंकर परमार, डीसीडीएफ अध्यक्ष सुधीर सिंह, चंद्रपाल कश्यप, रणवीर सिंह चौहान, डीडी सोनी, नारायणदास गुप्त, पंकज सिंह, अहमद भाई, विद्यासागर द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त आदि शामिल रहे।