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Banda News: डीएपी के लिए भटक रहे किसान, बी-पैक्स में ताला
Sat, 24 Oct 2026 11:02 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:02 PM IST
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अतर्रा/नरैनी। अतर्रा और नरैनी क्षेत्रों में डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।
शनिवार को कई केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी जिससे किसानों को निराश लौटना पड़ा। किसानों को आशंका है कि समय पर खाद न मिलने से फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं बी-पैक्स में तालाबंदी से वितरण ठप रहा।
अतर्रा के बदौसा मार्ग स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर शनिवार को एक हजार बोरी यूरिया उपलब्ध थी लेकिन डीएपी खाद नहीं होने से किसान खाली हाथ लौट गए। गांव महोतरा के किसान राजू शुक्ला, शीलनिधी, देवेंद्र, मोहन सहित अन्य ने बताया कि डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है इसलिए घर लौट रहे हैं।
समिति सचिव राम सिंह ने बताया कि डीएपी की खेप देर शाम तक आने की संभावना थी। उधर, मंडी परिसर स्थित पीसीएफ केंद्र पर डीएपी का वितरण जारी रहा। केंद्र पर 400 बोरी खाद उपलब्ध थी जिसमें से दोपहर दो बजे तक 330 बोरी वितरित हो चुकी थी।
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सचिव रामलखन कुशवाहा के अनुसार, शेष 70 बोरी के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। किसान मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार ने बताया कि दो घंटे लाइन में खड़े रहने पर भी खाद नहीं मिली। खाद की कमी के कारण एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक भटकना पड़ रहा है।
कमोबेश यही हाल नरैनी क्षेत्र में भी देखने को मिला। क्रय-विक्रय सहकारी समिति में डीएपी खाद के वितरण में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ी। बुधवार को 250 किसानों को टोकन जारी किए गए थे। इनमें से शनिवार तक 200 किसानों को डीएपी वितरित की जा चुकी थी। शेष 50 किसानों को रविवार को खाद देने की व्यवस्था की गई है।
समिति केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को सर्वर ठप रहा। इससे करीब दो घंटे तक वितरण प्रभावित हुआ और केवल 75 किसानों को खाद मिल सकी। बी-पैक्स सहकारी समिति के कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इसके चलते शनिवार को भी केंद्र का ताला नहीं खुला और खाद वितरण पूरी तरह बंद रहा। धीमी रफ्तार और तालाबंदी के कारण किसानों को खाद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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शनिवार को कई केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी जिससे किसानों को निराश लौटना पड़ा। किसानों को आशंका है कि समय पर खाद न मिलने से फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं बी-पैक्स में तालाबंदी से वितरण ठप रहा।
अतर्रा के बदौसा मार्ग स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर शनिवार को एक हजार बोरी यूरिया उपलब्ध थी लेकिन डीएपी खाद नहीं होने से किसान खाली हाथ लौट गए। गांव महोतरा के किसान राजू शुक्ला, शीलनिधी, देवेंद्र, मोहन सहित अन्य ने बताया कि डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है इसलिए घर लौट रहे हैं।
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समिति सचिव राम सिंह ने बताया कि डीएपी की खेप देर शाम तक आने की संभावना थी। उधर, मंडी परिसर स्थित पीसीएफ केंद्र पर डीएपी का वितरण जारी रहा। केंद्र पर 400 बोरी खाद उपलब्ध थी जिसमें से दोपहर दो बजे तक 330 बोरी वितरित हो चुकी थी।
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सचिव रामलखन कुशवाहा के अनुसार, शेष 70 बोरी के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। किसान मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार ने बताया कि दो घंटे लाइन में खड़े रहने पर भी खाद नहीं मिली। खाद की कमी के कारण एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक भटकना पड़ रहा है।
कमोबेश यही हाल नरैनी क्षेत्र में भी देखने को मिला। क्रय-विक्रय सहकारी समिति में डीएपी खाद के वितरण में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ी। बुधवार को 250 किसानों को टोकन जारी किए गए थे। इनमें से शनिवार तक 200 किसानों को डीएपी वितरित की जा चुकी थी। शेष 50 किसानों को रविवार को खाद देने की व्यवस्था की गई है।
समिति केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को सर्वर ठप रहा। इससे करीब दो घंटे तक वितरण प्रभावित हुआ और केवल 75 किसानों को खाद मिल सकी। बी-पैक्स सहकारी समिति के कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इसके चलते शनिवार को भी केंद्र का ताला नहीं खुला और खाद वितरण पूरी तरह बंद रहा। धीमी रफ्तार और तालाबंदी के कारण किसानों को खाद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।