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Banda News: डीएपी होने के दावे फिर भी जूझ रहे किसान
Thu, 29 Oct 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:07 AM IST
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फोटो-15-जसपुरा मंडी में डीएपी खाद लेने के लिए उमड़ी भीड़। संवाद
- फोटो : 1
बांदा। डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता के प्रशासनिक दावे किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता में किसान एक-एक बोरी के लिए जूझने को मजबूर हैं।
कहीं खाद के लिए सुबह से लंबी लाइन लग रही हैं तो कहीं स्टॉक खत्म होने पर किसानों को लौटना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में खाद होने के बावजूद हड़ताल से वितरण बंद है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बुधवार को जिले के बिक्री केंद्रों पर 1291.390 मीट्रिक टन यूरिया, 1210.100 मीट्रिक टन डीएपी और 156.125 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध होने की जानकारी दी। इसके बावजूद किसानों को खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जसपुरा कृषि मंडी में डीएपी वितरण शुरू होने की सूचना पर सुबह से ही भीड़ जुट गई। जसपुरा, रामपुर, सिंघनकला, बड़ागांव, चंदवारा और गड़रिया समेत विभिन्न साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसान खाद लेने पहुंचे। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रही।
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प्रशासनिक सूचना के मुताबिक, जसपुरा मंडी के गोदाम में आईएफएफडीसी और एग्रीजंक्शन के छह केंद्रों के लिए 50 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई है। बुधवार को 674 किसानों को टोकन बांटे गए। इनके आधार पर बृहस्पतिवार को खाद वितरण किया जाएगा।
तिंदवारी में स्टॉक खत्म
तिंदवारी में सहकारी संघ पर स्टॉक खत्म होने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। वितरण प्रभारी विनोद कुमार राय के अनुसार संघ के पास डीएपी की 360 बोरियां थीं। टोकन प्राप्त किसानों को दो-दो बोरी के हिसाब से खाद वितरित की गई। अब संघ में डीएपी नहीं बची है। यूरिया की 500 बोरियां उपलब्ध हैं, लेकिन बुधवार को कोई किसान यूरिया लेने नहीं पहुंचा।
खाद होने के बाद भी नहीं हो रहा वितरण
बदौसा और फतेहगंज क्षेत्र में किसानों की परेशानी कम नहीं है। फतेहगंज समिति के सचिव राजू तिवारी ने बताया कि गोदाम में करीब 500 बोरी डीएपी और 700 बोरी यूरिया का स्टॉक है, लेकिन हड़ताल के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। बदौसा और बघेला बारी समितियों में भी यही स्थिति बताई गई।
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कहीं खाद के लिए सुबह से लंबी लाइन लग रही हैं तो कहीं स्टॉक खत्म होने पर किसानों को लौटना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में खाद होने के बावजूद हड़ताल से वितरण बंद है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बुधवार को जिले के बिक्री केंद्रों पर 1291.390 मीट्रिक टन यूरिया, 1210.100 मीट्रिक टन डीएपी और 156.125 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध होने की जानकारी दी। इसके बावजूद किसानों को खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जसपुरा कृषि मंडी में डीएपी वितरण शुरू होने की सूचना पर सुबह से ही भीड़ जुट गई। जसपुरा, रामपुर, सिंघनकला, बड़ागांव, चंदवारा और गड़रिया समेत विभिन्न साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसान खाद लेने पहुंचे। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रही।
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प्रशासनिक सूचना के मुताबिक, जसपुरा मंडी के गोदाम में आईएफएफडीसी और एग्रीजंक्शन के छह केंद्रों के लिए 50 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई है। बुधवार को 674 किसानों को टोकन बांटे गए। इनके आधार पर बृहस्पतिवार को खाद वितरण किया जाएगा।
तिंदवारी में स्टॉक खत्म
तिंदवारी में सहकारी संघ पर स्टॉक खत्म होने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। वितरण प्रभारी विनोद कुमार राय के अनुसार संघ के पास डीएपी की 360 बोरियां थीं। टोकन प्राप्त किसानों को दो-दो बोरी के हिसाब से खाद वितरित की गई। अब संघ में डीएपी नहीं बची है। यूरिया की 500 बोरियां उपलब्ध हैं, लेकिन बुधवार को कोई किसान यूरिया लेने नहीं पहुंचा।
खाद होने के बाद भी नहीं हो रहा वितरण
बदौसा और फतेहगंज क्षेत्र में किसानों की परेशानी कम नहीं है। फतेहगंज समिति के सचिव राजू तिवारी ने बताया कि गोदाम में करीब 500 बोरी डीएपी और 700 बोरी यूरिया का स्टॉक है, लेकिन हड़ताल के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। बदौसा और बघेला बारी समितियों में भी यही स्थिति बताई गई।

फोटो-15-जसपुरा मंडी में डीएपी खाद लेने के लिए उमड़ी भीड़। संवाद- फोटो : 1