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Banda News: खाद के लिए समिति पहुंचे किसान, संचालकों ने लौटाया
Wed, 26 Nov 2025 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 26 Nov 2025 11:31 PM IST
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फोटो - 19 समिति के बाहर खाद न वितरण होने की चस्पा सूचना। संवाद
अतर्रा। बारिश के चलते रबी फसल की बोआई पिछड़ गई है, वहीं अब खाद संकट ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए भटक रहे हैं और समिति कर्मचारी आराम कर रहे हैं। अतर्रा में तीन सरकारी उर्वरक वितरण केंद्र क्रय-विक्रय सहकारी समिति, बी-पैक्स और पीसीएफ संचालित हैं। बुधवार को क्रय-विक्रय समिति में एक हजार बोरी यूरिया और छह सौ बोरी डीएपी, बी-पैक्स में एक हजार बोरी यूरिया उपलब्ध थी। वहीं पीसीएफ में उर्वरक नहीं पहुंची। इसके बावजूद क्रय-विक्रय समिति में बुधवार को वितरण बंद रखा गया।
केंद्र पहुंचे किसान नोटिस चस्पा देखकर मायूस लौट गए। वहीं पास स्थित बी-पैक्स केंद्र पर भले ही वितरण हुआ, लेकिन किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया की मनमानी सप्लाई की जा रही है। बरेहंडा गांव निवासी भैरमदीन और आऊ के कमलेश ने बताया कि कर्मचारी अपने परिचितों को अधिक बोरी देते हैं, जबकि आम किसान घंटों लाइन में खड़ा रहता है। उनका नंबर ही नहीं आता। कई किसानों ने यह भी दावा किया कि अंधेरा होने पर बड़े पैमाने पर जान-पहचान के लोगों को खाद दी जाती है। वहीं इस संबंध में क्रय-विक्रय समिति के सचिव राम सिंह ने कहा कि उर्वरक की डिमांड के लिए बैंक में धनराशि जमा की जा रही है, इसलिए बुधवार को वितरण रोकना पड़ा। उन्होंने बृहस्पतिवार को नियमित वितरण शुरू करने का आश्वासन दिया।
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केंद्र पहुंचे किसान नोटिस चस्पा देखकर मायूस लौट गए। वहीं पास स्थित बी-पैक्स केंद्र पर भले ही वितरण हुआ, लेकिन किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया की मनमानी सप्लाई की जा रही है। बरेहंडा गांव निवासी भैरमदीन और आऊ के कमलेश ने बताया कि कर्मचारी अपने परिचितों को अधिक बोरी देते हैं, जबकि आम किसान घंटों लाइन में खड़ा रहता है। उनका नंबर ही नहीं आता। कई किसानों ने यह भी दावा किया कि अंधेरा होने पर बड़े पैमाने पर जान-पहचान के लोगों को खाद दी जाती है। वहीं इस संबंध में क्रय-विक्रय समिति के सचिव राम सिंह ने कहा कि उर्वरक की डिमांड के लिए बैंक में धनराशि जमा की जा रही है, इसलिए बुधवार को वितरण रोकना पड़ा। उन्होंने बृहस्पतिवार को नियमित वितरण शुरू करने का आश्वासन दिया।
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